मऊ में जर्जर सड़कें, बंद सब्जी मंडी और मझवारा चौकी को थाना बनाने की उठी जोरदार मांग
मऊ ( राष्ट्र की परम्परा) मऊ जनपद के घोसी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मझवारा, रसरी, गोडसरा, बरूहा सहित आसपास के गांवों में लंबे समय से चली आ रही मूलभूत समस्याओं को लेकर नागरिकों का आक्रोश अब खुलकर सामने आया है। समाजसेवी ए.के. सहाय के नेतृत्व में क्षेत्रीय लोगों ने प्रभारी मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए जर्जर सड़कों के निर्माण, बंद पड़ी मझवारा सब्जी मंडी को पुनः चालू करने और मझवारा पुलिस चौकी को थाना का दर्जा देने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्षों की उपेक्षा के चलते क्षेत्र में सड़क, यातायात, सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियां लगभग ठप हो चुकी हैं। खराब सड़कों के कारण जहां आम लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं बंद सब्जी मंडी के कारण किसान और छोटे व्यापारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इसके साथ ही मझवारा पुलिस चौकी को थाना का दर्जा न मिलने से कानून-व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ये भी पढ़ें – दादों: दामाद से बना पति, 10 महीने बाद बहनोई संग फरार हुई सास
जनहित से जुड़ी प्रमुख मांगें
नागरिकों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कई अहम मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है। इनमें नकटा से श्री हनुमान मंदिर रसरी तक जर्जर सड़क का निर्माण, मझवारा सब्जी मंडी को तत्काल पुनः संचालित करना, मझवारा से मां वैष्णो इंटर कॉलेज तक नई सड़क बनवाना शामिल है। इसके अलावा कृषक इंटर कॉलेज से सरवानपुर तक, बेला सुल्तानपुर स्थित चौहान राजभर बस्ती तक, गोडसरा में स्व. कल्पनाथ यादव के घर से प्राथमिक विद्यालय तक तथा मझवारा–गोडसरा मार्ग पर लगभग 500 मीटर क्षतिग्रस्त सड़क के पुनर्निर्माण की मांग की गई है।
बरूहा यादव बस्ती के बीच से गुजरने वाले पिच मार्ग की स्थिति भी बेहद खराब बताई गई है, जिसे तत्काल ठीक कराने की आवश्यकता जताई गई। नागरिकों का कहना है कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र में जनआक्रोश और बढ़ सकता है।
ये भी पढ़ें – कोयला घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का जाल, ईडी-सीबीआई की संयुक्त जांच
मझवारा पुलिस चौकी को थाना बनाने की मांग
सबसे अहम मांगों में मझवारा पुलिस चौकी को थाना का दर्जा दिया जाना शामिल है। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि थाना बनने से अपराध नियंत्रण, त्वरित पुलिस कार्रवाई और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। वर्तमान में दूर स्थित थानों पर निर्भरता के कारण पीड़ितों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
ये भी पढ़ें – बिहार शिक्षक भर्ती 2026: कक्षा 1 से 12 तक हजारों पदों पर नियुक्ति तय
स्थलीय निरीक्षण की मांग
ज्ञापन में प्रभारी मंत्री से आग्रह किया गया है कि वे स्वयं या संबंधित अधिकारियों के माध्यम से क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कराएं और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दें। इस अवसर पर विक्रमजीत सिंह, सुनील गुप्ता, जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
यह पूरा मामला मऊ की जर्जर सड़कें, मझवारा सब्जी मंडी, और मझवारा पुलिस चौकी को थाना जैसे अहम जनहित मुद्दों से जुड़ा है, जिनका समाधान क्षेत्र के समग्र विकास के लिए आवश्यक माना जा रहा है।
पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, पांच दिनों में तीसरी बार हाई…
पैमाइश के दो साल बाद भी मवेशी खाना की जमीन खाली क्यों नहीं? प्रशासनिक चुप्पी…
नकली चेन से असली सोना बदलने की कोशिश, दुकानदार की समझदारी से खुलासा सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र…
कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसा: वीआईपी रोड दुर्घटना में शिवम मिश्रा गिरफ्तार, ड्राइवर बदलने का दावा पुलिस…
लोकसभा में राहुल गांधी पर बड़ा राजनीतिक हमला: निशिकांत दुबे ने पेश किया प्रस्ताव, सदस्यता…
डांट से नाराज़ छोटे भाई की खौफनाक साजिश, बड़े भाई को कमरे में बंद कर…