मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) महाराष्ट्र को नया राज्यपाल मिल गया है। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सोमवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल पद की शपथ ली। राजभवन में आयोजित शपथग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकांत शिंदे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
आचार्य देवव्रत ने सी.पी. राधाकृष्णन का स्थान लिया है। राधाकृष्णन ने हाल ही में भारत के उपराष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के लिए राज्यपाल पद से इस्तीफा दिया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके त्यागपत्र स्वीकार करते हुए आचार्य देवव्रत को अतिरिक्त प्रभार सौंपने का आदेश जारी किया। राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
गौरतलब है कि एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन को 9 सितंबर को भारत का 15वां उपराष्ट्रपति चुना गया। चुनाव में उन्हें 452 मत मिले, जबकि विपक्ष के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 मत प्राप्त हुए।
डिजिटल कनेक्टिविटी को भी मिली मंजूरी इसी बीच संचार मंत्रालय ने बीएसएनएल की ओर से प्रस्तुत संशोधित सूची को हरी झंडी दे दी है। अप्रैल 2023 में स्वीकृत 2,751 गांवों में से कई स्थानों पर तकनीकी कारणों से मोबाइल टावर स्थापित नहीं हो पाए थे। इसके चलते बीएसएनएल ने 930 गांवों की नई सूची प्रस्तुत की, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
निर्णय के अनुसार, प्रत्येक टावर स्थल के लिए 200 वर्ग मीटर भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। यह व्यवस्था 29 नवंबर 2022 के पूर्व मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुरूप होगी। सरकार का दावा है कि इस कदम से ग्रामीण इलाकों में डिजिटल कनेक्टिविटी और नेटवर्क सुविधा को नई गति मिलेगी।
👉 महाराष्ट्र में नया नेतृत्व और गांवों तक नेटवर्क पहुंचाने की यह दोहरी पहल राज्य की राजनीति और विकास यात्रा दोनों के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
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