कभी बचपन के कभी जवानी के,
तो कभी कभी मौजूदा वर्तमान के,
नज़दीकी और दूर के याद आते हैं,
ये ज़िन्दगी दोस्तों की तलाश में है।
जब दो दिल आस पास आते हैं,
तब दिल से दिल मिल जाते हैं,
दिल से दिल तक यूँ मिल जाना
तब प्रेम सुधा का पान कराते हैं।
मित्र तो तब मित्रता निभाते हैं,
शत्रु भी शायद मित्र बन जाते हैं,
प्रेम स्नेह में इतनी ताक़त होती है,
दुर्जन चरित्र भी सुजन बन जाते हैं।
आदित्य दिल से दिल तक मिलने
से दोस्ती का पैग़ाम पहुँच जाता है,
आजीवन साथ निभाने का जुनून
दिल से दिल तक बना रहता है।
डा० कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, सुचारु एवं…
घोसी (राष्ट्र की परम्परा)l तहसील परिसर घोसी में स्थित दो दुकानों को किराये पर देने…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नारी शक्ति वंदन सम्मेलन—पंचायत से पार्लियामेंट तक, निर्माण में नारी नवभारत…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में…
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023: क्या बढ़ेगा वास्तविक नेतृत्व या सिर्फ़ संख्या? प्रॉक्सी राजनीति पर…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में सोमवार…