वृक्षों के बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं – मुसरफ खान

अपील – हम एकसाथ मिलकर मेरा पौधा मेरी जिम्मेदारी अभियान चलाएं – मुसरफ खान

आगरा(राष्ट्र की परम्परा)
पर्यावरण स्वस्थ्य होगा तभी जीवन संभव है। फ्री में ऑक्सीजन चाहिए तो पेड़ लगाने के साथ-साथ उसकी सुरक्षा भी करनी होंगी। सिर्फ पेड़ लगाना महत्वपूर्ण नहीं बल्कि उस पेड़ का संरक्षण भी मानव जीवन के लिए बहुत जरूरी हैं, इसीलिए आज हमको एकसाथ मिलकर मेरा पौधा, मेरी जिम्मेदारी अभियान चलाना चाहिए।
सुप्रसिद्ध एवं लोकप्रिय समाजसेवी मुसरफ खान ने इस सन्दर्भ में बताया कि इस संसार में आसान तो कुछ भी नहीं है, एक साँस लेने के लिए भी पहले साँस छोड़नी पड़ती है। बारिश की बूंदे भले ही छोटी हो लेकिन उनका लगातार बरसना बड़ी नदियों का बहाव बन जाता है, ऐसे ही हमारे छोटे – छोटे प्रयास निश्चित ही जीवन में बड़ा परिवर्तन लाने में सक्षम रहते हैं। इसलिए प्रयास छोटा ही सही किन्तु लगातार सही दिशा में होना चाहिए। वृक्ष हमारे जीवन की अमूल्य निधि है, पेड़ पौधो से हम सभी को ऑक्सीजन मिलती है, जिससे सभी का जीवन अनवरत चलता रहता है। एक वृक्ष 10 पुत्रों के समान होता जैसे पुत्र पिता को सुख की अनुभूति कराते हैं वैसे ही वृक्ष भी सभी को फल एवं छाया प्रदान कर सुख की अनुभूति कराते हैं, मानव जीवन के लिए शुद्ध वातावरण बनाए रखने के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाना चाहिए। क्योंकि वृक्ष हमारे जीवन के महत्वपूर्ण साथी हैं। पेड़ों के बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं होगा। वे कई मायनों में हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं।
यह कहना गलत नहीं होगा कि पेड़ हमें जीवन देते हैं। पेड़ हमारे लिए बेहद जरूरी हैं। इन पेड़ पौधों की वजह से है कि हम इस ग्रह पर जीवित रहने में सक्षम हैं। पेड़ जीवन देने वाली ऑक्सीजन को बाहर निकालते हैंऔर इससे मनुष्य या अन्य प्रजातियों के लोग खुली हवा में सांस लेकर जीवन जीते हैं।यद्यपि देखा जाय तो पर्यावरण के साथ-साथ जीवित प्राणियों के लिए बहुत कुछ है। ऑक्सीजन देने के अलावा, पेड़ पर्यावरण से विभिन्न हानिकारक गैसों को भी अवशोषित करते हैं जिससे ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव कम होता है। पेड़ पर्यावरण का एक अनिवार्य हिस्सा हैं। वे विभिन्न प्रजातियों के जीवों के अस्तित्व के लिए पर्यावरण को सुंदर और फिट बनाते हैं। वृक्ष हमारे जीवन दाता हैं, स्वयं विष पीकर अमृत बरसाते हैं। हमारे जीवन में वृक्षों का महत्व भारतीय जीवन दर्शन में वृक्षों को महत्व दिया गया है, उतना शायद ही किसी अन्य धर्म या जीवन दर्शन में आपको दिखाई दे। वृक्ष हमारे जीवन और पर्यावरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वृक्ष से एक ओर जहाँ ऑक्सीजन का उत्पादन होता है तो वहीं दूसरी ओर यही वृक्ष धरती के प्रदूषण को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और यह धरती के पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलन प्रदान करते हैं। वृक्ष धरती पर औषधीय गुणों का भंडार है। जो हमारी सेहत को बरकरार रखने में मददगार सिद्ध होते हैं। वृक्ष से हमें भरपूर भोजन प्राप्त होता है। वहीं, वृक्ष के आसपास रहने से जीवन में मानसिक संतुष्टि और संतुलन मिलता है। इसी तरह वृक्ष से सैकड़ों शारीरिक और मानसिक लाभ मिलते हैं। वृक्ष हमारी धरती पर जीवन का प्रथम प्रारंभ हैं। वृक्ष इस धरती पर ईश्वर के प्रथम प्रतिनिधि हैं। धरती पर जितने ज्यादा वृक्ष होंगे, वर्षा उतनी ज्यादा होगी। वैज्ञानिक शोधों से यह बात सिद्ध हो चुकी है कि धरती के वृक्ष ऊंचे आसमान में स्थिैत बादलों को आकर्षित करते हैं। जिस क्षेत्र में जितने ज्यादा वृक्ष होंगे, वहां वर्षा उतनी ज्यादा होगी। धरती के वर्षा वनों के समाप्त होते जाने से धरती पर से वर्षा ऋतु का संतुलन भी बिगड़ने लगा है, जिसके चलते कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ के नजारे देखने को मिलते हैं। इससे यह तो सिद्ध होता है कि वृक्षों का संबंध आकाश से है।
खान ने बताया कि पेड़ लगाओ- जीवन बचाओ का संदेश देते हुये हमें पेड़ों की महत्ता के बारे में बचपन से बताया जाता रहा है। इसके बावजूद हम पेड़ों को काट रहे हैं। पेड़ लगाने के लिए हर व्यक्ति को सोचना होगा। तभी जाकर यह धरती बचेगी। वृक्ष जब तक हैं तभी तक हमारा जीवन भी है। तो हम अपने जीवन को बचाने का प्रयास क्यों नहीं करते, हम आनेवाली पीढ़ी को क्या देना चाहते हैं? मनुष्य सहज जीवन का आदी हो गया है। पेड़ों से हमें मिलने वाली कई चीजें हमारे लिए एक आवश्यकता बन गई हैं, जिससे हम वनों की कटाई और आगामी खतरे के प्रति बधिर और अंधे हो गए हैं। वृक्षों को काटते समय हमारी कई आवश्यक मांगों को पूरा करना आवश्यक हो गया है। इसके अलावा, अधिनियम को संतुलित करने के लिए हमें इसे अधिक से अधिक पेड़ लगाने की जिम्मेदारी के रूप में लेना चाहिए। हम में से प्रत्येक को नियमित रूप से पेड़ लगाने चाहिए और उनकी देखभाल भी करनी चाहिए। प्रत्येक पड़ोस को नियमित वृक्षारोपण गतिविधि आयोजित करनी चाहिए। पेड़ों को बचाने और उनके महत्व पर बच्चो को सबक दिया जाना चाहिए। स्कूल को नियमित रूप से वृक्षारोपण गतिविधि का संचालन करना चाहिए और प्रत्येक बच्चे को इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। हम अपने लिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण बनाएंगे और अधिक पेड़ लगाएंगे। इसी तरह, पेड़ों को पानी देने और उनकी वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए नियमित गतिविधियों को भी किया जाना चाहिए। यह उन्हें तेजी से खिलने में मदद करेगा।
आजकल सेल्फी और फोटो हमारा कल्चर है इसलिए रोज पौधे को खाद पानी देने का भी फ़ोटो डालें, उनको संरक्षित करने का फोटो डालें, सच में आत्मसंतुष्टि और जीवन का आनंद आएगा। सिर्फ दिखावा या फ़ोटो में ही पौधे न लगाएं, बल्कि उनका संरक्षण अपने पारिवारिक सदस्य की तरह करें। निश्चित ही प्रकृति प्रसन्न होगी एवं पर्यावरण हम सबके जीवन को स्वस्थ्य व सम्पन्न रखेगा। प्रकृति की सेवा सर्वोपरि मानने वाले ही सच्चे सेवक व ईश्वर के नजदीक होते हैं। क्योंकि सब कुछ प्रकृति व पर्यावरण में निहित है। जैसा कि हम सब जानते हैं कि कोविड संकट के दौरान हम लोगों ने एक एक ऑक्सीजन सिलेंडर लिए क्या क्या झेला हैं। इसलिए फ्री में ऑक्सीजन चाहिए तो पेड़ लगाने के साथ-साथ उसकी सुरक्षा भी करें। सिर्फ पेड़ लगाना महत्वपूर्ण नहीं बल्कि उस पेड़ का संरक्षण भी जरूरी हैं। आज हमको एकसाथ मिलकर “मेरा पौधा, मेरी जिम्मेदारी” अभियान चलाना चाहिए। हमसब को वर्तमान परिस्तिथियों में प्राकृतिक आपदाओं एवं ऑक्सीजन जैसी दुश्वरियों का सामना करना पड़ रहा हैं। आज जो भीषण गर्मी से मानव त्राही त्राही कर रहा है। उसका जिम्मेवार मानव स्वयं है, क्योंकि तरक्की के नाम पर हम पेड़ काटकर सड़क तथा बड़े-बड़े बिल्डिंग बना रहे हैं l इसके वजह से धरती में पानी का स्तर और नीचा होते जा रहा है और इसी कारण बरसात ठीक से नहीं हो रही है और विश्व ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से जूझ रहा है। अतः हम सबको यदि पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन लेना है तो पेड़ लगाना तथा पेड़ बचाना है।

rkpnews@desk

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