बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) बरहज तहसील प्रांगण में शनिवार को लेखपाल संघ बरहज ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया। लंबे समय से लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई न होने से नाराज़ लेखपालों ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र समाधान नहीं निकाला तो वे व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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धरना स्थल पर लेखपालों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में उन्हें कई स्तरों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी प्रमुख मांगों में प्रारम्भिक वेतनमान का उच्चिकरण, पदोन्नति के अवसर बढ़ाना, भत्तों में वृद्धि, अंतर्मण्डलीय स्थानांतरण व्यवस्था, पेंशन तथा एसीपी विसंगतियों का निराकरण, पदनाम परिवर्तन, तथा राजस्व पुलिस चौकी की स्थापना शामिल हैं।
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लेखपाल संघ बरहज के अध्यक्ष सुकेश तिवारी ने कहा कि संगठन की मांगें पूरी तरह व्यावहारिक और न्यायसंगत हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा—“यदि सरकार जल्द ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो लेखपाल संघ कार्य बहिष्कार जैसे कठोर कदम उठाने को बाध्य होगा।”
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धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे। इनमें गोविन्द कुमार, रमेश पटेल, राजू यादव, रिंकू कुमारी, पवन पाण्डेय, विवेक सिंह, नेहा यादव, राहुल मिश्रा, राहुलदेव गुप्ता, आनंद सिंह सहित अन्य कई लेखपाल शामिल रहे।
धरने के दौरान संगठन की एकता और अपनी मांगों के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
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इस प्रदर्शन के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है, वहीं लेखपालों की इन मांगों पर सरकार क्या रुख अपनाती है, यह देखने वाली बात होगी।
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