वकील की दिनदहाड़े हत्या: कानून व्यवस्था पर उठे सवालबाइक सवार अपराधियों ने सरेआम मारी गोली, जांच में जुटी पुलिस

पटना (राष्ट्र की परम्परा/संवाददाता डेस्क)।
राजधानी पटना में रविवार को एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे शहर को दहला दिया। सुल्तानगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बीच सड़क पर दिनदहाड़े वकील जितेंद्र कुमार महतो की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस दुस्साहसिक हत्या को बाइक सवार अपराधियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जितेंद्र कुमार महतो रविवार दोपहर किसी कार्य से बाहर निकले थे। जैसे ही वे सुल्तानगंज इलाके की मुख्य सड़क पर पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे दो अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोक कर उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, तीन से चार गोलियों की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद हमलावर फरार हो गए। घायल अवस्था में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल फैल गया। सूचना मिलते ही सुल्तानगंज थानाध्यक्ष समेत आला पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की छानबीन शुरू की। एफएसएल की टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की पहचान की कोशिश की जा रही है।

इस जघन्य वारदात को लेकर पटना के अधिवक्ता संगठनों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश है। बार एसोसिएशन के सदस्यों ने हत्या की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से तत्काल अपराधियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। अधिवक्ता संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वह न्यायिक कार्य से विरत रहकर विरोध दर्ज कराएंगे।

जितेंद्र कुमार महतो एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता थे और वर्षों से पटना में वकालत कर रहे थे। उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उनके रिश्तेदारों ने इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

पुलिस अधीक्षक का बयान
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा ने कहा, “हम घटना को गंभीरता से ले रहे हैं। अपराधियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के हवाले किया जाएगा। प्रारंभिक जांच में यह मामला निजी रंजिश या पेशेगत कारणों से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।”

यह घटना राजधानी में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करती है, जहां एक वकील तक सरेआम सुरक्षित नहीं है। यह मामला न केवल अपराध नियंत्रण पर पुलिस की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा करता है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी गंभीर चिंता जताता है।

Editor CP pandey

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