दिल्ली में ‘सांस लेना मना है’: AQI 439 के पार, बच्चों-बुजुर्गों के लिए ‘जानलेवा’ हेल्थ अलर्ट जारी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा): राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर ‘ज़हरीली’ श्रेणी में पहुंच गई है। शनिवार की सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 439 दर्ज किया गया, जो ‘हज़ार्डस’ (Hazardous) यानी बेहद खतरनाक स्थिति को दर्शाता है और ‘सीवियर’ (Severe) से भी ऊपर जा चुका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों ने शहर में गंभीर स्वास्थ्य संकट की घंटी बजा दी है।

​प्रदूषण का ख़तरनाक स्तर

​CPCB के अनुसार, दिल्ली की हवा में खतरनाक PM2.5 का स्तर 294 और PM10 का स्तर 390 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया है। इन प्रदूषक कणों की अत्यधिक सांद्रता के कारण ही शहर का AQI लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है।

​अगले कई दिनों तक नहीं मिलेगी राहत

​प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने चेतावनी दी है कि अगले तीन से चार दिनों तक हवा की स्थिति में सुधार की कोई उम्मीद नहीं है और AQI ‘सीवियर’ श्रेणी में ही बना रहेगा।

एक उम्मीद की किरण: 27-28 नवंबर के बाद हवा की गति में सुधार होने की संभावना है, जो 10-15 किमी प्रति घंटा से अधिक हो सकती है। यह तेज़ हवा प्रदूषित कणों को धकेलने में कुछ हद तक सक्षम होगी। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि पूरी तरह राहत दिसंबर के पहले सप्ताह तक ही मिलने की उम्मीद है, क्योंकि फिलहाल बारिश का कोई अनुमान नहीं है।

​बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों के लिए अलर्ट

​ग्रैप-3 (GRAP-3) प्रतिबंधों के बावजूद राजधानी की हवा में कोई सुधार नहीं हुआ है। विशेषज्ञों ने इसे बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों के लिए बेहद खतरनाक बताया है।

स्वास्थ्य एडवाइजरी: इन संवेदनशील समूहों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने घरों के अंदर ही रहें और यदि आवश्यक हो तभी बाहर निकलें।

​मौसम और विजिबिलिटी की स्थिति

​दिल्ली में ठंड भी लगातार बढ़ रही है। आज न्यूनतम तापमान 12°C और अधिकतम 25°C तक रहने का अनुमान है। हालांकि, सुबह और शाम के समय कोहरे और धुंध (Smog) का असर दिखाई देगा, जिससे विजिबिलिटी प्रभावित रहेगी। नवंबर के अंतिम सप्ताह तक न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक रहने और रात में इसके और गिरने की उम्मीद है। हवा की धीमी गति भी प्रदूषण को कम होने से रोक रही है।

​सरकार की अपील: सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें

​दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए ग्रैप-3 सहित कई उपाय किए हैं। चूंकि AQI अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है, नागरिकों से अपील की गई है कि वे एडवाइजरी का पालन करें। यदि बहुत जरूरी काम हो तभी घर से बाहर निकलें, और बाहर जाने के लिए मेट्रो, सार्वजनिक परिवहन या ई-वाहनों का ही उपयोग करें।

Karan Pandey

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