तनाव से तालमेल की ओर बढ़े भारत-कनाडा संबंध; विदेश मंत्री बोलीं—रुकी ट्रेड डील को फिर मिलेगी रफ्तार

टोरंटो (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। दो साल से तनावपूर्ण चल रहे भारत-कनाडा संबंध अब सुधार की राह पर लौटते दिख रहे हैं। जी20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के बाद दोनों देशों ने रुकी व्यापार वार्ता को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। इसी क्रम में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने संकेत दिया है कि नई विदेश नीति के तहत कनाडा भारत के साथ व्यापारिक साझेदारी को तेज़ी से आगे बढ़ाएगा।

अनीता आनंद ने कहा कि बदलते वैश्विक माहौल और बढ़ते आर्थिक जोखिमों के बीच भारत-कनाडा सहयोग को मजबूत करना समय की जरूरत है। उन्होंने पुष्टि की कि दोनों देश जल्द ही नई व्यापारिक साझेदारी (ट्रेड डील) पर तेजी से काम शुरू करेंगे। पिछले दो वर्षों से दोनों देशों में कूटनीतिक तनाव था, लेकिन अब संवाद और विश्वास बहाली के संकेत स्पष्ट हैं।

भारत-कनाडा व्यापार: 2030 तक 50 अरब डॉलर का लक्ष्य

कनाडा की विदेश मंत्री ने बताया कि दोनों देश 2030 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर 50 अरब अमेरिकी डॉलर करने का लक्ष्य रख रहे हैं। फिलहाल कनाडा भारत का सातवां सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है और भारत में एक महत्वपूर्ण विदेशी निवेशक भी।
इसके साथ ही पीएम कार्नी 2025 में भारत की यात्रा करेंगे, जिससे व्यापार और रणनीतिक सहयोग और आगे बढ़ने की उम्मीद है।

तनाव की वजह: निज्जर मामला

भारत-कनाडा संबंध 2023 में तब बिगड़ गए थे, जब कनाडाई पुलिस ने आरोप लगाया कि वैंकूवर के पास सिख कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की भूमिका थी। निज्जर खालिस्तान समर्थक थे और जून 2023 में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस विवाद के बाद कनाडा ने भारत के साथ व्यापार वार्ता रोक दी थी और दोनों देशों के राजनयिक संबंध भी प्रभावित हुए थे।

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2024: संबंध सुधारने की शुरुआत

2024 में धीरे-धीरे दोनों देशों ने संवाद बहाल किया। जून में पीएम कार्नी ने मोदी को जी7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया। अगस्त में दोनों देशों ने शीर्ष राजनयिकों को फिर से नियुक्त किया। अनीता आनंद ने कहा कि पिछले छह महीनों में संबंधों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

कनाडा की नई रणनीति: व्यापार में विविधता

कनाडा दुनिया के उन देशों में शामिल है, जिसकी 75% से ज्यादा निर्यात अमेरिका पर निर्भर है। लेकिन 2026 में यूएसएमसीए की समीक्षा और वैश्विक संरक्षणवाद बढ़ने के कारण कनाडा अब अपने व्यापार को विविध बनाना चाहता है।
इसके तहत कनाडा भारत के साथ संबंध सुधारने के साथ-साथ चीन के साथ भी संवाद बढ़ा रहा है। हाल ही में पीएम कार्नी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात से भी संबंधों में सकारात्मक संकेत मिले हैं।

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Karan Pandey

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