योगी सरकार में गांव का सिपाही ग्राम रोजगार सेवक भूखा, नहीं मिला मानदेय-ब्रह्मानंद

5 माह से मानदेय भुगतान नहीं हुआ, जिले के 625 ग्राम रोजगार सेवक कर्ज- भुखमरी के कगार पर

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने वाले ग्राम रोजगार सेवक आज खुद सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं। जनपद महराजगंज में कार्यरत लगभग 625 ग्राम रोजगार सेवकों को जुलाई 2025 से अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, जबकि मानदेय के तौर पर ग्राम रोजगार सेवकों को मात्र 7788/- प्रतिमाह मिलता है वह भी समय से न मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई रोजगार सेवक कर्ज लेने को मजबूर हैं और उनके परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं।
उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के जिलाध्यक्ष एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए सवाल उठाया कि जब सरकार के हर महत्वपूर्ण अभियान की जिम्मेदारी ग्राम रोजगार सेवकों पर है, तो फिर उन्हें उनका मानदेय क्यों नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों से एसआईआर, पंचायत चुनाव, एग्री स्टैक, फार्मर रजिस्ट्री, मनरेगा से जुड़े कार्यों सहित ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित सरकार के लगभग सभी जन- हितकारी कार्य पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कराए गए, लेकिन बदले में पिछले पांच माह से मानदेय नहीं मिला,जबकि उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ जिला इकाई महराजगंज द्वारा आयुक्त ग्राम विकास उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को 08 अक्टूबर 2025 को मानदेय के लिए अनुरोध पत्र भेजा गया था। लेकिन आज तक उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
संघ का आरोप है कि सरकार द्वारा लगातार ग्राम रोजगार सेवकों पर कार्यभार बढ़ाया जा रहा है, लेकिन उनके मानदेय के लिए न तो समय से बजट जारी किया जा रहा है और न ही कोई स्थायी व ठोस व्यवस्था की गई है। इसका सीधा असर रोजगार सेवकों के पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा है। मानदेय न मिलने से उनके बच्चों की पढ़ाई, इलाज, राशन, बिजली और किराए जैसी बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं।उन्होंने ने कहा कि ग्राम रोजगार सेवक सरकार की योजनाओं की रीढ़ हैं। यदि यही कर्मचारी आर्थिक रूप से टूट जाएंगे तो गांवों में योजनाओं का क्रियान्वयन भी प्रभावित होगा। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तत्काल मांग करते हुए कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों के लिए मानदेय का अलग से स्थायी बजट सुनिश्चित किया जाए और पांच माह का बकाया मानदेय भुगतान अविलंब कराया जाए, ताकि कर्मियों को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही मानदेय का भुगतान नहीं हुआ, तो ग्राम रोजगार सेवक आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस मौके पर धर्मेंद्र पासवान, ओपी सिंह, सर्वेश मद्धेशिया, संतोष गुप्ता, इंद्रमणि विश्वकर्मा, इंद्र विजय यादव, प्रवीण मणि त्रिपाठी, शशि कला चौधरी, चिंटू प्रसाद,बंधु मद्धेशिया ब्लॉक अध्यक्ष घुघली, राहुल गुप्ता ब्लॉक मंत्री घुघली सहित बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में बकाया मानदेय भुगतान की मांग उठाई।

rkpnews@desk

Recent Posts

सरयू नदी पर मोहन सिंह सेतु: देवरिया, बलिया और मऊ के विकास की नई उम्मीद

देवरिया बरहज में मोहन सिंह सेतु निर्माण को लेकर पूर्व सांसद कनकलता सिंह की मांग,…

8 minutes ago

यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 आगरा: 154 केंद्र, 6 जोन, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा संचालित यूपी बोर्ड हाईस्कूल व…

12 minutes ago

विधिक सहायता शिविर: कमजोर वर्गों को मिलेगा न्याय और योजनाओं का लाभ

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मऊ द्वारा 22 फरवरी को वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर…

16 minutes ago

सरकारी दफ्तर में खूनखराबा, बाबू की पिस्टल से अधिवक्ता की मौत

CCTV में कैद रामपुर हत्या कांड, पत्नी पर भी किया हमला रामपुर (राष्ट्र की परम्परा…

1 hour ago

पार्किंग, मेट्रो और सुविधा—ताज महोत्सव 2026 का स्मार्ट सफर

ताज महोत्सव 2026: आगरा मेट्रो से जाएं, जाम से बचें, उत्सव का आनंद लें आगरा…

1 hour ago

चोरी के आरोपी से सोना-चांदी और नकदी बरामद, पुलिस की बड़ी सफलता

24 घंटे में चोरी का खुलासा: महराजगंज पुलिस ने शातिर चोर को दबोचा, जेवरात व…

1 hour ago