रक्षा बंधन के त्यौहार को देखते हुए गाँवो की बाजार नकली मिठाइयों से पटी।

सिकन्दरपुर/बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

भाई बहन के पवित्र रिश्ते का त्यौहार रक्षा बंधन वैसे तो शनिवार को है लेकिन इस त्यौहार पर मिठाई की मांग को देखते हुए नकली मिठाइयों का धंधा करने वालो की खूब चाँदी कट रही है ।शहरों से होते हुए इनकी पैठ अब गांवो की चट्टी चौराहों से लेकर गलियों चौबारों तक हो गई है।
आज स्थिति यह है कि गांवो की चट्टी चौराहों पर स्थित चाय पान की दुकानों यहाँ तक की किरानो की दुकाने भी नकली खोआ छेना से बनी मिठाइयों से पट गई है । ऊपर से देखने पर ये मिठाईयां असली मिठाइयों से ज्यादा खूबसूरत और लजीज दिखाई देती हैं लेकिन इनकी हकीकत कुछ और ही है ।ये मिठाईयां घटिया किस्म के खोआ छेना यहाँ तक कि कागज की लुगदी से तैयार किया जाता है । इन नकली मिठाइयों में पेड़ा, बर्फी , कलाकन्द , रसगुल्ले, लालमोहन , मिल्क केक , मोगदर के लड्डू , सोन पापड़ी जैसी अनगिनत ब्रांडेड मिठाइयों के नाम पर नकली रूप में उपलब्ध हैं। नाम न छापने की शर्त पर इस नकली व्यवसाय से जुड़े लोगो ने बताया कि ये मिठाईया असली मिठाइयों के मूल्य पर बिकती है जबकि इनकी खरीद असली मिठाइयों के आधे से भी कम रेट पर होती हैं । जानकार बताते हैं कि इनकी सप्लाई पड़ोसी राज्य बिहार से रात में होती है । ऐसा नही है कि खाद्य विभाग को इसकी जानकारी नही है । इनकी माने तो सप्लाई के समय इन विभागों की भरपूर पूजा कर दी जाती है ताकि सप्लाई और बिक्री में कोई व्यवधान उतपन्न न हो । अगर कही से कोई शिकायत होती या खानापूर्ति के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा एक दो जगह छापामारी कर सेम्पलिंग कर जांच के लिए भेज देता है ।जब तक सेम्पलिंग की रिपोर्ट आती है तब तक सारा कारोबार हो चुका होता हैऔर मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है ।
गांव के भोले भाले ग्रामीण इन मिठाइयों से होने वाले दुष्परिणाम से अंजान हंसी खुशी त्यौहार मनाते है और इन मिठाइयों का सेवन कर धीरे धीरे अपने मौत को न्यौता देते हैं ।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजुरी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. रत्नेश कुमार ने बताया कि नकली मिठाईयां अक्सर मिलावटी एवं सिंथेटिक दूध से तैयार की जाती हैं । जिनमे तरह तरह के हानिकारक केमिकल मिले हुए होते हैं ।जो मानव शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक होते हैं । इनके सेवन से लोगो धीरे धीरे मौत के मुंह मे समाते जाते हैं। इनके सेवन से कैंसर ,किडनी फेल्यूर ,लिवर का खराब होना, ब्रेन डेड होने का खतरा जैसी गम्भीर बीमारियां हो सकती हैं । इसके अलावा डायरिया ,उल्टी दस्त ,कोलेरा ,अपच ,गैस्ट्रो ,स्किन की समस्या जैसे अनेको रोग हो सकते हैं ।उन्होंने लोगो सलाह दी कि लोग त्यौहारों पर रजिस्टर्ड मिठाई की दुकानों से ही मिठाई खरीदे या ब्रांडेड कंपनियों के डब्बा बन्द मिठाइयों का उपयोग करे ।
उन्होंने बताया कि सबसे अच्छा तो यही होगा कि लोग घरों में बनी मिठाइयों का ही उपभोग करे ।
दूसरी तरफ गांवो के प्रबुध्द जनों ने स्वास्थ्य विभाग एवं खाद्य विभाग से गांवो की बाजारों में बिकने वाली नकली मिठाइयों की जांच कर रोक लगाए जाने की मांग की है।

rkpnews@desk

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