जमुवारी में तहसील प्रशासन की बड़ी कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में मचा हड़कंप
मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) जनपद के घोसी तहसील क्षेत्र के ग्राम जमुवारी में अतिक्रमण के विरुद्ध तहसील प्रशासन ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए ग्रामसभा की सार्वजनिक पोखरी पर अवैध रूप से बने मकान को ध्वस्त कर दिया। यह कार्यवाही हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के अनुपालन में की गई, जिसमें अतिक्रमण को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए थे। बुलडोजर की गर्जना के साथ ही इलाके में दहशत फैल गई और अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।
अवैध निर्माण पर कोर्ट का सख्त रुख, प्रशासन ने दिखाई तत्परता
ग्राम सभा जमुवारी की गाटा संख्या 492 पर स्थित पोखरी पर स्थानीय निवासी लछु शर्मा ने लंबे समय से अतिक्रमण कर मकान का निर्माण कर लिया था। इस मामले में गांव के ही जागरूक नागरिक रमेश कुमार ने न्यायालय की शरण ली। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मऊ और घोसी तहसील प्रशासन को पोखरी से अतिक्रमण तत्काल हटाने का आदेश दिया।
हाईकोर्ट के आदेश पर तत्परता दिखाते हुए एसडीएम अशोक कुमार सिंह के निर्देश में तहसीलदार डॉ. धर्मेंद्र पाण्डेय ने राजस्व निरीक्षक अगस्त राम भारद्वाज, लेखपाल सुनील कुमार व अखिलेश समेत पूरी राजस्व टीम को लेकर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। जेसीबी मशीन की मदद से मकान को जमींदोज कर दिया गया।
पिछले दो दिनों में दूसरी बड़ी कार्रवाई, प्रशासन के बुलडोजर से मचा हड़कंप
बताया जा रहा है कि यह कार्यवाही घोसी तहसील क्षेत्र में पिछले 48 घंटों में अतिक्रमण पर दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले भी एक अन्य स्थान पर अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने बुलडोजर का सहारा लिया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से अतिक्रमणकारियों में भय और जनमानस में प्रशासन के प्रति विश्वास देखा जा रहा है।
तहसीलदार ने दी चेतावनी — “सरकारी भूमि खाली करें, वरना होगी सख्त कार्रवाई”
तहसीलदार डॉ. धर्मेंद्र पाण्डेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन अतिक्रमण के विरुद्ध पूरी तरह से सजग और सख्त है। “किसी भी हाल में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। लोगों को चेतावनी दी जाती है कि वे स्वयं निर्माण हटाएं, अन्यथा उन्हें भी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।”
जनहित में प्रभावी संदेश — न्यायालय और प्रशासन की संयुक्त सख्ती
यह कार्रवाई सिर्फ एक मकान गिराने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह संदेश देती है कि सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों पर कब्जा करने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं है। हाईकोर्ट के आदेश और प्रशासन की सख्त कार्यवाही से यह साबित होता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के नगर पंचायत मगहर में नालों की सफाई…
कपरवार/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l मछली पालन, झींगा पालन, मछली विक्रेताओं, मत्स्य सहकारी समितियों, मछुआरा समूहों और…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। तहसील खलीलाबाद, मेंहदावल और धनघटा के अंतर्गत आने वाली…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 को निष्पक्ष, पारदर्शी,…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सात विद्यार्थियों का चयन इको नेटवर्क…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रभादेवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खलीलाबाद के शारीरिक शिक्षा संकाय (बीपीएड)…