सेवानिवृत्ति से पहले आदेशों की अनदेखी, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग में विभागीय अनुशासन और आदेशों के पालन को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। सेवानिवृत्ति से ठीक पहले जारी सम्बद्धीकरण आदेश का पालन न होना न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि संबंधित कर्मचारी की सेवानिवृत्ति प्रक्रिया पर भी संकट खड़ा कर सकता है।

मुख्यालय में ज्वाइन नहीं कराया गया

प्रभागीय वनाधिकारी, सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग, महराजगंज द्वारा पत्र संख्या 3021/16-6 दिनांक 20 दिसंबर 2025 को लक्ष्मीपुर रेंज में तैनात वन दरोगा प्रेमलाल यादव के सम्बद्धीकरण का आदेश जारी किया गया था। प्रेमलाल यादव 31 दिसंबर 2025 को 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

आदेश के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से लक्ष्मीपुर रेंज से मुख्यालय, महराजगंज कार्यालय में सम्बद्ध किया गया था। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया था कि—

• सम्बद्धीकरण तत्काल लागू होगा
• किसी प्रकार का यात्रा भत्ता देय नहीं होगा
• दिसंबर माह का वेतन तभी जारी होगा, जब कर्मचारी मुख्यालय में ज्वाइन करेंगे

पांच दिन बाद भी नहीं हुआ अनुपालन

आदेश की प्रतिलिपि मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव, पूर्वी) गोंडा, उप प्रभागीय वनाधिकारी लक्ष्मीपुर और क्षेत्रीय वन अधिकारी लक्ष्मीपुर को भेजी गई थी। इसके बावजूद आदेश जारी होने के पांच दिन बीत जाने के बाद भी न तो संबंधित वन दरोगा को रेंज से अवमुक्त किया गया और न ही उनकी मुख्यालय में ज्वाइनिंग कराई गई।
जबकि सेवानिवृत्ति में अब केवल कुछ ही दिन शेष हैं।

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वेतन और पेंशन प्रक्रिया पर संकट

सूत्रों के अनुसार समय रहते आदेश का अनुपालन न होने से वेतन भुगतान, सेवा अभिलेखों के संधारण और पेंशन संबंधी कार्यों में गंभीर बाधा उत्पन्न हो सकती है। इसे लेकर विभागीय लापरवाही के आरोप भी सामने आ रहे हैं।

DFO ने RFO को किया अवगत

मामले पर जब प्रभागीय वनाधिकारी सुर्वे निरंजन राजेंद्र से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में लक्ष्मीपुर रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी वेद प्रकाश शर्मा को अवगत करा दिया गया है और शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

अब देखना यह है कि विभाग इस गंभीर लापरवाही पर समय रहते कार्रवाई करता है या फिर आदेश फाइलों तक ही सीमित रह जाते हैं।

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Karan Pandey

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