दार्जिलिंग में भारी बारिश से तबाही: भूस्खलन और पुल टूटने से सात लोगों की मौत, कई इलाकों में जनजीवन ठप


पश्चिम बंगाल (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। जिले के कई इलाकों में भूस्खलन (Landslide in Darjeeling) और पुल टूटने की घटनाओं में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

भूस्खलन और पुल ढहने से बाधित हुआ यातायात

मिली जानकारी के अनुसार, मिरिक और सुखिया क्षेत्रों में भूस्खलन के चलते कई घरों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, दुधिया में लोहे का पुल ढह जाने से सिलीगुड़ी–दार्जिलिंग एसएच-12 मार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है।
बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हैं और कई इलाकों का आपसी संपर्क टूट गया है।

राहत-बचाव कार्य जारी, मौसम बना बाधा

दार्जिलिंग के उप-निबंधक रिचर्ड लेप्चा ने बताया कि अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
हालांकि, लगातार बारिश से राहत और बचाव कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं।
पुलिस, एनडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवक मिलकर राहत अभियान चला रहे हैं।
कई घरों और दुकानों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे लोगों को भारी आर्थिक क्षति झेलनी पड़ रही है।

भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने जताया दुख

दार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने घटना पर गहरा शोक जताया है।
उन्होंने X (Twitter) पर लिखा —

“दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों के कई हिस्सों में भारी बारिश से हुए नुकसान के बारे में जानकर बेहद दुख हुआ है। कई लोगों की मौतें हुई हैं और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। मैं लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हूं और अधिकारियों से संपर्क में हूं।”

लोगों की मदद के लिए जुटे कार्यकर्ता

राजू बिस्ता ने आगे कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को राहत और बचाव कार्यों में लोगों की मदद के लिए निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा —

“हम अपने लोगों की हरसंभव मदद करेंगे और अन्य राजनीतिक व सामाजिक संगठनों से भी अपील करते हैं कि वे जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं।”

कालिम्पोंग में भी गंभीर हालात

कालिम्पोंग जिले में भी बारिश से स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क कट गया है और बिजली आपूर्ति भी बाधित है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

Karan Pandey

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