अकादमिक उत्कृष्टता और भविष्य की दिशा तय करेंगे विजन प्लान, इसके अनुरूप ही होगा संसाधनों का आवंटन
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। अकादमिक उत्कृष्टता और भविष्य के विकास की दिशा को तय करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सभी विभागों को विजन प्लान की प्रस्तुति 11 जून से प्रारंभ होगी।
कुलपति प्रो पूनम टंडन के मार्गदर्शन में 11 जून को निर्धारित प्रस्तुतियाँ विभागों को अपनी योजनाओं और रणनीतियों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करेंगी। विभागों के अध्यक्षों द्वारा प्रस्तुत विजन प्लान से संसाधन आवंटन की दिशा में निर्णय लेने में सुविधा होगी।
सभी विभागाध्यक्षों से कहा गया है कि वो विजन योजनाओं के आधार पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति दें। इस प्रक्रिया का उद्देश्य य
प्रत्येक विभाग के संरचित विकास को सुनिश्चित करने के साथ साथ विश्वविद्यालय के समग्र विकास को भी गति प्रदान करना।
इस प्रेजेंटेशन की तैयारी के लिए सभी विभागों को 10 मई 2024 तक अपनी विजन प्लान तैयार करने के लिए कहा गया था।
यह पहल कुलपति प्रो. पूनम टंडन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप है, और इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शिक्षण, सीखने, शोध, नवाचार और समग्र रैंकिंग को बढ़ाना है।
प्रत्येक विभाग को अगले पाँच वर्षों के लिए एक व्यापक विजन प्लान की रूपरेखा तैयार करनी होगी, जिसे तीन भागों में विभाजित किया जाएगा:
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