उतरौला/बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा)
सावन माह की पावन शुरुआत के साथ ही नगर के ऐतिहासिक दुःखहरण नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। एक माह तक चलने वाले इस धार्मिक मेले में पहले ही दिन से ही हजारों की संख्या में शिवभक्त मंदिर पहुंच रहे हैं। भक्त हाथों में गंगाजल, दूध, फूल, बेलपत्र, चावल और भांग-पत्तियां लेकर बाबा भोलेनाथ को अर्पित कर रहे हैं।
सावन के पहले सोमवार को सुबह तड़के से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। हर-हर महादेव के जयकारों के बीच भक्तगण जलाभिषेक कर भगवान शिव से परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्यता और शांति की कामना कर रहे हैं। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है।
मंदिर के भीतर सुचारू रूप से दर्शन और जलाभिषेक सुनिश्चित कराने के लिए पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी तड़के भोर से ही लगाई गई है। वहीं, मंदिर प्रबंधन की ओर से फूल और प्रसाद की दुकानों के अलावा सुरक्षा और सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस आयोजन को लेकर नगरवासियों में विशेष उत्साह है। स्थानीय व्यापारियों का भी कहना है कि सावन का मेला न केवल श्रद्धा का केंद्र है बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है।
सावन के पहले सोमवार को मंदिर परिसर पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगा दिखा। घंटियों की गूंज, शंखनाद और भजनों की स्वर-लहरियां वातावरण को आध्यात्मिक बना रही थीं।
प्रशासन की ओर से मेला अवधि तक सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, पेयजल व साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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