नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)चुनाव आयोग ने बड़ा निर्णय लेते हुए देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गहन मतदाता पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कराने का ऐलान किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस राष्ट्रव्यापी प्रक्रिया के लिए 1 जनवरी 2026 को क्वालीफाइंग डेट निर्धारित की गई है। हालांकि, इस पुनरीक्षण का विस्तृत शेड्यूल आयोग द्वारा शीघ्र ही घोषित किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे के जरिए दी है। यह जवाब भाजपा नेता और अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर दिया गया है। याचिका में देशभर में नियमित अंतराल पर मतदाता सूचियों का गहन पुनरीक्षण कराने की मांग की गई थी, ताकि बोगस वोटिंग, फर्जी पंजीकरण और डुप्लीकेट नामों को हटाया जा सके।
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वस्त किया है कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसीलिए 2026 की क्वालीफाइंग डेट को ध्यान में रखते हुए गहन पुनरीक्षण किया जाएगा। आयोग ने कहा कि इस प्रक्रिया से नए पात्र मतदाताओं का नाम जुड़ सकेगा और जिनके नाम गलत या दोहराए गए हैं, उन्हें हटाया जाएगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करेगा और चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं की विश्वसनीय भागीदारी सुनिश्चित करेगा। वहीं, चुनाव आयोग के इस फैसले से उन सभी आशंकाओं पर विराम लगेगा, जिनमें मतदाता सूची में गड़बड़ी और अनियमितता की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
👉 उम्मीद है कि आयोग आने वाले महीनों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी करेगा और स्थानीय स्तर पर बूथवार पुनरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा।
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