ठूठीबारी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मुस्लिम समाज ने परंपरागत ढंग से मनाया बकरीद पर्व
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के
सीमावर्ती क्षेत्र ठूठीबारी समेत आस-पास के गांवों में ईद-उल-अजहा का पर्व पूरी अकीदत और शांति के साथ मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोग नए वस्त्र पहनकर ईदगाह व मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए पहुंचने लगे। निर्धारित समय पर ईदुल अजहा की नमाज अदा की गई।
नमाज के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर, हाथ मिलाकर बकरीद की बधाइयां दी गईं और खुशियां बांटी गईं। ईदगाह के मैदान में मौलाना ने इस्लाम की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए सच्चाई, भाई-चारा और इंसानियत की राह पर चलने की अपील की। उन्होंने गरीबों, अनाथों और पड़ोसियों की मदद करने का संदेश देते हुए कहा कि इस्लाम अमन और शांति का प्रतीक है तथा सभी को साथ लेकर चलने की शिक्षा देता है।
नमाज के बाद मुल्क में अमन और भाई-चारे की दुआ मांगी गई। क्षेत्र के ठूठीबारी, अराजी बैरिया, रामनगर, किसनपुर, लोहरौली, गड़ौरा, बोदना, सुकरहर, बकुलडीहा, मैरी, तुरकहिया, जमुई, बेलवा, डीगही, लक्ष्मीपुर खुर्द, चटियां, नौनिया, भरवलिया आदि गांवों में भी शांतिपूर्ण ढंग से बकरीद की नमाज अदा की गई।
नमाज के उपरांत लोगों ने पारंपरिक सेवईयां और मिठाई खाकर पर्व का आनन्द लिया। इसके बाद अल्लाह की रज़ा के लिए हैसियत के अनुसार कुर्बानी दी गई। घरों में बच्चों की चहक और खुशियों से माहौल उत्सव के रूप में तब्दील हो उठा।
त्योहार को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। चौक-चौराहों व संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रभारी कोतवाल महेंद्र मिश्रा अपने हमराहियों संग लगातार क्षेत्र में गश्त करते नजर आए। कस्बे और गांवों में शांति व्यवस्था बनी रही। पूरा क्षेत्र भाई-चारे और सौहार्द के रूप में
रहा।
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