फटे होंठ और एड़ियों को न करें नजरअंदाज, बदलते मौसम में ये 8 गलतियां पड़ सकती हैं भारी

बदलते मौसम में फटे होंठ और एड़ियों की बढ़ती परेशानी से ऐसे बचें, अभी से शुरू कर दें ये आसान देखभाल

लेखक : चन्द्र प्रभा पाण्डेय

मौसम में बदलाव का असर केवल तापमान पर ही नहीं, बल्कि हमारी त्वचा पर भी साफ दिखाई देने लगता है। बदलते मौसम में हवा में नमी कम होने और वातावरण में उतार-चढ़ाव के कारण त्वचा रूखी, बेजान और खिंची हुई महसूस हो सकती है। खासतौर पर होंठ और एड़ियां इस समस्या से जल्दी प्रभावित होते हैं। कई लोगों के होंठ सूखकर फटने लगते हैं, जबकि एड़ियों में दरारें पड़ने के साथ दर्द और जलन भी महसूस हो सकती है।
अक्सर लोग इसे केवल सर्दियों की समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि मौसम बदलने के दौर में ही त्वचा को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत शुरू हो जाती है। यदि समय रहते कुछ छोटी लेकिन जरूरी आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया जाए, तो आगे चलकर अत्यधिक रूखापन, फटने और दर्द जैसी परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
फटे होंठों के लिए नियमित लगाएं लिप बाम
होंठों की त्वचा शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में बेहद पतली और संवेदनशील होती है। इसलिए मौसम में बदलाव का असर सबसे पहले होंठों पर दिखाई दे सकता है। होंठों को सूखने से बचाने के लिए दिन में कई बार अच्छा मॉइश्चराइजिंग लिप बाम लगाया जा सकता है।
बाहर निकलने से पहले और रात में सोने से पहले लिप बाम लगाना विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है। अगर होंठ बार-बार सूखते हैं, तो जरूरत के अनुसार दोबारा भी लिप बाम लगाएं। साथ ही होंठों को बार-बार जीभ से चाटने की आदत छोड़ना जरूरी है, क्योंकि इससे थोड़ी देर के लिए नमी महसूस होती है, लेकिन बाद में होंठ और ज्यादा सूख सकते हैं।
फटे होंठों पर बार-बार स्क्रब करने से बचें
होंठों पर सूखी और परतदार त्वचा दिखाई देने पर उसे हटाने के लिए जोरदार स्क्रब करना सही तरीका नहीं है। पहले से फटे या संवेदनशील होंठों को रगड़ने से त्वचा में जलन, छोटी चोट और रक्तस्राव की समस्या हो सकती है।
ऐसी स्थिति में होंठों को मुलायम रखने के लिए मॉइश्चराइजिंग उत्पाद का इस्तेमाल करें और सूखी त्वचा को जबरदस्ती खींचकर न हटाएं।
रात में एड़ियों पर लगाएं मॉइश्चराइजिंग क्रीम
एड़ियों को फटने से बचाने के लिए रात का समय सबसे अच्छा माना जा सकता है। सोने से पहले पैरों को हल्के गुनगुने पानी से साफ करके अच्छी तरह सुखाएं। इसके बाद एड़ियों पर अच्छी मॉइश्चराइजिंग क्रीम लगाएं।
जहां त्वचा ज्यादा रूखी या सख्त हो, वहां क्रीम की थोड़ी मोटी परत लगाई जा सकती है। इसके बाद सूती मोजे पहनकर सोने से क्रीम त्वचा पर अधिक समय तक बनी रह सकती है और एड़ियों को मुलायम बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
बहुत गर्म पानी से पैरों को न धोएं
ठंड बढ़ते ही गर्म पानी से नहाने या पैर धोने का मन करता है, लेकिन बहुत गर्म पानी त्वचा की प्राकृतिक नमी को कम कर सकता है। इससे रूखापन और बढ़ सकता है।
इसलिए नहाने या पैर धोने के लिए बहुत गर्म पानी के बजाय हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल बेहतर है। नहाने के बाद त्वचा को तौलिए से जोर-जोर से रगड़ने के बजाय धीरे से थपथपाकर सुखाएं और त्वचा थोड़ी नम रहते ही मॉइश्चराइजर लगा लें।
एड़ियों की सख्त त्वचा को जबरदस्ती न हटाएं
एड़ियों में मोटी और सख्त सूखी त्वचा जमा हो जाने पर कई लोग उसे नोचने या ब्लेड से काटने की कोशिश करते हैं। ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है। इससे त्वचा में कट लगने, संक्रमण और दर्द की समस्या बढ़ सकती है।
यदि एड़ियों पर मृत त्वचा की मोटी परत जमा है, तो उसे धीरे-धीरे और सावधानी से साफ किया जा सकता है। लेकिन बहुत ज्यादा रगड़ने या धारदार वस्तु से त्वचा काटने से बचना चाहिए।
मौसम बदलने से पहले अपनाएं ये छोटी आदतें
होंठों और एड़ियों की देखभाल के लिए महंगे उत्पादों से ज्यादा जरूरी नियमितता है। रोजमर्रा की इन आदतों को अपनाकर त्वचा के रूखेपन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है—
अपने साथ हमेशा मॉइश्चराइजिंग लिप बाम रखें।
होंठों को बार-बार चाटने की आदत से बचें।
फटे होंठों पर कठोर स्क्रब का इस्तेमाल न करें।
रात में एड़ियों पर अच्छी मॉइश्चराइजिंग क्रीम लगाएं।
नहाने के तुरंत बाद शरीर और पैरों पर मॉइश्चराइजर लगाएं।
बहुत ज्यादा गर्म पानी से नहाने से बचें।
एड़ियों की सख्त त्वचा को ब्लेड से काटने की कोशिश न करें।
पर्याप्त पानी पीने और संतुलित खान-पान पर भी ध्यान दें।
एड़ियों में गहरी दरार, खून, अत्यधिक दर्द, लालिमा या सूजन हो तो चिकित्सकीय सलाह लें।
कब त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी है?
सामान्य रूखापन अक्सर नियमित मॉइश्चराइजिंग और त्वचा की उचित देखभाल से नियंत्रित हो सकता है। लेकिन यदि होंठ या एड़ियां लगातार फट रही हों, गहरी दरारों से खून निकलता हो, दर्द या सूजन बनी रहती हो अथवा त्वचा पर संक्रमण के संकेत दिखाई दें, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
ऐसी स्थिति में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। खासकर लंबे समय से बनी त्वचा संबंधी समस्या के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए सही कारण की पहचान और उचित उपचार जरूरी है।
निष्कर्ष
बदलता मौसम त्वचा के लिए संकेत है कि अब नियमित देखभाल बढ़ाने का समय आ गया है। होंठों को मॉइश्चराइज रखना, एड़ियों पर रात में क्रीम लगाना, बहुत गर्म पानी से बचना और सूखी त्वचा को जबरदस्ती न हटाना जैसी छोटी आदतें काफी मददगार हो सकती हैं। समय रहते देखभाल शुरू करने से मौसम के साथ बढ़ने वाले रूखेपन और फटने की परेशानी को कम किया जा सकता है।
लेखक : चन्द्र प्रभा पाण्डेय
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य त्वचा देखभाल संबंधी जानकारी पर आधारित है। किसी गंभीर, लगातार या दर्दनाक त्वचा समस्या की स्थिति में योग्य चिकित्सक या त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लें।

Editor CP pandey

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