गैस एजेंसियों पर भीड़ के बीच डीएम का औचक निरीक्षण, बोले- जनपद में गैस की कोई कमी नहीं

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)l ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के बीच देशभर में बन रहे हालात का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। गोरखपुर में घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच असमंजस और घबराहट का माहौल देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग एहतियात के तौर पर गैस एजेंसियों और गोदामों पर पहुंचकर अतिरिक्त सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं।
स्थिति यह है कि जिन उपभोक्ताओं के घरों में पहले से गैस सिलेंडर मौजूद है, वे भी दूसरा और तीसरा सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं, जिसके चलते कई स्थानों पर लंबी कतारें लग गई हैं।
गैस एजेंसियों पर बढ़ती भीड़ और संभावित अव्यवस्था को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गैस वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन अनावश्यक रूप से अतिरिक्त सिलेंडर लेने की प्रवृत्ति से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी ने गुरुवार सुबह शहर की दो गैस एजेंसियों पर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोदामों में उपलब्ध गैस सिलेंडरों का स्टॉक, आपूर्ति और उपभोक्ताओं को किए जा रहे वितरण की जानकारी ली। डीएम ने एजेंसी संचालकों से यह भी पूछा कि गोदाम पर कितने सिलेंडर पहुंचे, कितने उपभोक्ताओं को वितरित किए गए और वर्तमान में कितना स्टॉक शेष है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया कि किसी भी उपभोक्ता को घरेलू गैस सिलेंडर के लिए परेशान न किया जाए। एजेंसी पर आने वाले प्रत्येक उपभोक्ता को नियमानुसार गैस उपलब्ध कराई जाए और अधिक से अधिक होम डिलीवरी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गोदामों पर अनावश्यक भीड़ न लगे।
इस दौरान जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने गैस एजेंसियों की आपूर्ति व्यवस्था, स्टॉक की स्थिति तथा वितरण प्रणाली की जानकारी जिलाधिकारी को दी और एजेंसी संचालकों को आवश्यक निर्देश दिए।
दिनभर स्थिति की समीक्षा के बाद शाम को जिलाधिकारी ने जनपद के सभी उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) और क्षेत्राधिकारियों (सीओ) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि गैस एजेंसियों पर आने वाले प्रत्येक उपभोक्ता को गैस उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम और सीओ की होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि कई ऐसे उपभोक्ता भी एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं जिनकी गैस बुकिंग नहीं है। ऐसे मामलों में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि किसी उपभोक्ता का सिलेंडर बुक नहीं है तो उसे तत्काल एजेंसी से गैस बुक कराने की व्यवस्था कराई जाए और अगले दिन उसे गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए।
गैस वितरण व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने विशेष व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग पहले से है उन्हें प्राथमिकता देते हुए लगभग 60 प्रतिशत सिलेंडर दिए जाएं, जबकि जिन उपभोक्ताओं की बुकिंग नहीं है उन्हें लगभग 40 प्रतिशत सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं।
प्रशासन ने जनपद की सभी 87 गैस एजेंसियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को एजेंसियों पर आने वाले सिलेंडरों, वितरण और शेष स्टॉक का नियमित रिकॉर्ड रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि जनपद में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आवश्यकता के अनुसार ही गैस बुकिंग कराने की अपील की है।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

छोटी मछली गिरफ्तार, बड़ी मछली को अभयदान!

व्यंग्य: ऊपर वाले मालामाल, नीचे वाले बेहाल!छोटी मछली पर शिकंजा, बड़ी मछली को संरक्षण क्यों?…

3 hours ago

लोकतंत्र में जनआक्रोश बनाम विदेशी प्रभाव: कौन तय करता है सरकारों का भविष्य?

दुनिया के लोकतंत्रों पर विदेशी सत्ता परिवर्तन का साया! इजरायल से भारत, फ्रांस, स्पेन और…

3 hours ago

बदरीनाथ से लौटते वक्त मौत से टकराया हेलीकॉप्टर!

Ai निर्मित चमोली में 6 लोगों की दर्दनाक मौत, श्रद्धालुओं की यात्रा मातम में बदली…

3 hours ago