प्रवेश शुल्क के नाम पर मनमानी शुल्क वसूलने पर डीएम ने कसा शिकंजा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।विभिन्न विद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों के अभिभावकों के आर्थिक उत्पीड़न को रोकने हेतु जिलाधिकारी अनुनय झा ने बड़ा कदम उठाते हुए सभी राजकीय, शासकीय सहायता प्राप्त,स्ववित्त पोषित विद्यालयों के प्रबंधको, प्रधानाचार्यों तथा प्रधानाध्यापकों के लिए दिशा निर्देश जारी किया है।
अपने आदेश में जिलाधिकारी ने कहा है कि नवीन शैक्षिक सत्र 2024-25 में जनपद के विद्यालयों में प्रवेश का कार्य गतिमान है तथा पठन-पाठन का कार्य प्रारम्भ हो चुका है। कतिपय जनपदों में विद्यालयों में बच्चों से मानक से अधिक शुल्क लेने तथा मनमाने तरीके से पुस्तकों के क्रय करने हेतु अभिभावकों को बाध्य किए जाने की कतिपय शिकायतें संज्ञान में आती रही हैं।
जनपद महराजगंज में उक्त प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से उक्त शैक्षणिक संस्थानों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों तथा प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया जाता है कि विद्यालयों द्वारा प्रत्येक वर्ष विद्यार्थियों से प्रवेश शुल्क न लेकर प्रवेश शुल्क केवल नवीन प्रवेश के समय ही लिया जाए। जो भी शुल्क विद्यार्थियों से विद्यालय द्वारा लिया जाए, उसकी शुल्क रसीद विद्यार्थी को दिया जाए। इसके अलावा शुल्क रसीद में लिए गए शुल्क के सभी मदों का अनिवार्यतः स्पष्ट उल्लेख हो। मनमाने तरीके से शुल्क वृद्धि न की जाए। यदि शुल्क वृद्धि आवश्यक हो तो उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 की धारा-8 के अंतर्गत जिला शुल्क नियामक समिति के समक्ष शुल्क वृद्धि का प्रस्ताव विचारार्थ प्रस्तुत किया जाए। जिला शुल्क नियामक समिति की अनुमन्यता के बिना शुल्क वृद्धि कदापि न की जाए।
उन्होंने आगे अपने आदेश में कहा है कि विद्यालयों में पुस्तकों का विक्रय न किया जाए तथा न ही किसी निश्वित दुकान से पुस्तकें क्रय करने हेतु विद्यार्थियों को बाध्य किया जाए। निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर पुस्तकें न बेंची जाएं। पुस्तकों के मूल्य पर यदि छूट निर्धारित है, तो उसे विद्यार्थियों को अवश्य प्रदान किया जाए।
उन्होंने कहा कि उक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सभी शैक्षणिक संस्थान सुनिश्चित करें।नियमों,विनियमों, शासनादेशों तथा विभागीय आदेशों से किसी भी प्रकार के विचलन,अवहेलना की दशा में अर्थदण्ड, मान्यता प्रत्याहरण सहित अन्य विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक अमरनाथ राय ने कहा है कि जिलाधिकारी द्वारा जारी दिशा –निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। इस संदर्भ में उनके द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ब्लॉक स्तर पर विद्यालयों के निरीक्षण और समस्याओं के समाधान हेतु खंड शिक्षा अधिकारी और प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक राजकीय माध्यमिक विद्यालय की संयुक्त टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है।

rkpnews@desk

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