सीएम डैशबोर्ड की खराब रैंकिंग पर डीएम सख्त

बलिया (राष्ट्र की परम्परा )

जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड एवं आईजीआरएस की समीक्षा बैठक की। विभिन्न योजनाओं और विभागों की खराब रैंकिंग पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को प्रदर्शन में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं की प्रगति और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में जिले की रैंकिंग ‘सी’ मिलने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना की जानकारी घर-घर तक पहुंचाई जाए। कोटेदारों, किसानों और स्थानीय कर्मचारियों को भी योजना की जानकारी देकर अधिक से अधिक पात्र लोगों को लाभ दिलाया जाए। नगर पालिका क्षेत्रों में भी योजना के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। जननी सुरक्षा योजना की रैंकिंग भी ‘सी’ मिलने पर डीपीओ आईसीडीएस को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिल सके। फैमिली आईडी में ‘सी’ रैंकिंग मिलने पर जिला पंचायत राज अधिकारी और जिला पूर्ति अधिकारी को कार्य में तेजी लाने को कहा गया। वहीं पोषण अभियान की ‘सी’ तथा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की ‘डी’ रैंकिंग पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को प्रगति सुधारने के निर्देश दिए। जिला समाज कल्याण अधिकारी को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कराने को कहा गया।
विद्युत दुर्घटना में मृत्यु होने पर पात्र परिवार को मिलने वाले पांच लाख रुपये के लाभ की योजना का भी व्यापक प्रचार कराने के निर्देश विद्युत विभाग के अधिकारियों को दिए गए। डीएम ने कहा कि पात्र परिवारों को योजनाओं की जानकारी समय से मिलनी चाहिए, ताकि वे लाभ से वंचित न रहें।
सीएमआईएस की समीक्षा में पांच परियोजनाएं निर्धारित समय से पीछे पाई गईं। इस पर डीएम ने कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। आवश्यकतानुसार शासन स्तर पर समय सीमा बढ़ाने की कार्रवाई कराने को भी कहा।
आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर फीडबैक लेने तथा फोटो सहित लिखित प्रार्थना पत्र प्राप्त करने के बाद निस्तारण की रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। सात विभागों में फीडबैक की प्रगति शून्य प्रतिशत मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। डीएम ने स्पष्ट कहा कि फीडबैक की प्रगति 75 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए। बैठक में एडीएम अनिल कुमार, सीएमओ डॉ. अभय कुमार राय, डीडीओ आनंद प्रकाश सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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