नगरीय विकास व जल निगम की योजनाओं की डीएम ने की समीक्षा, अधूरे कार्य शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देशबलिया(राष्ट्र की परम्परा)
जिले में नगरीय विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला नगरीय विकास अभिकरण, नगर विकास विभाग एवं जल निगम (नगरीय) के अंतर्गत संचालित योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए। समीक्षा के दौरान नगर पालिका बैरिया में वर्ष 2023-24 के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों के अब तक अधूरे पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य तत्काल पूर्ण कराए जाएं। जिन स्थानों पर भूमि की उपलब्धता नहीं हो पा रही है, उसके संबंध में स्पष्ट एवं लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। नगर पंचायत बेल्थरारोड में जलापूर्ति योजना के अंतर्गत चिन्हित स्थल पर बाढ़ का पानी जमा होने के कारण कार्य प्रारंभ न होने की जानकारी पर जिलाधिकारी ने तत्काल पानी निकलवाकर कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के अंतर्गत नगर पंचायत नगरा में सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य अधूरा पाए जाने पर उसे शीघ्र पूरा कराने को कहा गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना के तहत सीवरेज एवं जल निकासी के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई, जिन्हें समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं पेयजल योजना के अंतर्गत नगर पंचायत चितबड़ागांव, नगरा एवं मनियर में अधूरे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने पर जोर दिया गया।
नगरीय झील, तालाब एवं पोखरा संरक्षण योजना के अंतर्गत नगर पंचायत चितबड़ागांव, सहतवार, बांसडीह, नगरा एवं रतसर कला में चल रहे अधूरे कार्यों को भी जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्र की वंदना योजना के अंतर्गत सिकंदरपुर, बैरिया एवं बलिया नगर में लंबित कार्यों को पूर्ण कराने को कहा गया। मुख्यमंत्री वैश्विक नगरीय योजना एवं आकांक्षी नगर योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की भी समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उनकी प्रगति तेज करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही कान्हा गौशाला एवं अस्थायी गौशालाओं में समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पिछले तीन वर्षों में प्राप्त, व्यय एवं शेष धनराशि का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए तथा अवस्थापना निधि के अंतर्गत नए प्रस्ताव तैयार करने को कहा। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन, नगर पालिका ईओ सुभाष चंद्र सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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