श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026: मनोज सिन्हा करेंगे विग्रह प्राण प्रतिष्ठा, बनकटाशिव में भव्य आयोजन
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बनकटाशिव, सल्लहपुर (भटनी) में आयोजित श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026 का भव्य शुभारंभ 20 फरवरी 2026 को होगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026 के अंतर्गत विग्रह प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में मनोज सिन्हा, केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर के महामहिम उपराज्यपाल, दोपहर 02:00 बजे अपने कर-कमलों से प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न करेंगे।
यह श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026 धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
आगमन और कार्यक्रम का समय
आयोजन समिति द्वारा जारी विवरण के अनुसार महामहिम उपराज्यपाल 20 फरवरी 2026 को दोपहर 12:10 बजे गोरखपुर एयरपोर्ट पर उतरेंगे। इसके पश्चात 12:20 बजे गोरखपुर–देवरिया मार्ग से सड़क द्वारा बनकटाशिव, सल्लहपुर (भटनी) के लिए प्रस्थान करेंगे।
दोपहर 02:00 बजे श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026 के मुख्य अनुष्ठान के तहत विग्रह प्राण प्रतिष्ठा विधि-विधान से सम्पन्न होगी। कार्यक्रम समाप्ति के बाद महामहिम 03:10 बजे पुनः गोरखपुर एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे।
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प्रशासनिक तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था
महामहिम के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क है। संबंधित अधिकारियों एवं थानाध्यक्ष ने कार्यक्रम स्थल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का सूक्ष्म निरीक्षण किया।
आयोजक प्रभात कुमार राय ने बताया कि उपराज्यपाल के सचिवालय द्वारा 17 फरवरी 2026 को मुख्य सचिव, जम्मू एवं कश्मीर सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार को आधिकारिक सूचना प्रेषित की जा चुकी है। इससे स्पष्ट है कि श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026 का आयोजन प्रशासनिक समन्वय के साथ सुव्यवस्थित रूप से किया जा रहा है।
क्षेत्र में उत्साह और भव्य स्वागत की तैयारी
श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026 में महामहिम के आगमन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हर्ष की लहर दौड़ गई है। बनकटाशिव, सल्लहपुर, भटनी और आसपास के गांवों में स्वागत द्वार, सजावट, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।
ग्रामीणों और आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह अवसर क्षेत्र की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई देगा। स्थानीय श्रद्धालु इसे ऐतिहासिक क्षण मान रहे हैं।
धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक प्रभाव
श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026 केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक भी है। महायज्ञ और विग्रह प्राण प्रतिष्ठा जैसे अनुष्ठान भारतीय सनातन परंपरा में विशेष स्थान रखते हैं।
प्राण प्रतिष्ठा के माध्यम से मंदिर में स्थापित विग्रह में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दिव्यता का आवाहन किया जाता है। इस अवसर पर विद्वान आचार्यगण वैदिक रीति से यज्ञ संपन्न कराएंगे, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित होगा।
आयोजन समिति की अपील
आयोजक प्रभात कुमार राय ने श्रद्धालुओं से समय से पूर्व पहुंचकर कार्यक्रम में सहभागिता की अपील की है। उन्होंने बताया कि श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026 को सफल और अनुशासित बनाने हेतु स्वयंसेवकों की टीम भी तैनात की गई है।
समिति ने सभी आगंतुकों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने का आग्रह किया है।
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