बिहार के सरकारी विद्यालयों में शनिवार व गुरुवार को हाफ डे की व्यवस्था पुनर्बहाल करने की मांग तेज

परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ, बिहार ने अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग को भेजा विस्तृत ज्ञापन

पटना(राष्ट्र की परम्परा)
राज्य के सरकारी विद्यालयों में हिंदी/उर्दू माध्यम के लिए पहले से लागू हाफ डे व्यवस्था को पुनः बहाल करने को लेकर शिक्षकों ने फिर से आवाज बुलंद की है।
इस दिशा में निर्णायक पहल करते हुए परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ, बिहार ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को एक विस्तृत ज्ञापन भेजकर आग्रह किया है कि विद्यालयों में शनिवार/गुरुवार को हाफ डे की पुरानी व्यवस्था तत्काल प्रभाव से पुनः लागू की जाए।
संघ की ओर से ज्ञापन प्रेषित करते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी मृत्युंजय ठाकुर ने कहा कि विद्यालयी वातावरण, मौसमीय परिस्थितियाँ, विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा शिक्षकों के दैनिक कार्यभार को देखते हुए हाफ डे की व्यवस्था पहले अत्यंत उपयोगी एवं प्रभावी साबित हुई थी।
उन्होंने बताया कि लंबे समय से शिक्षक वर्ग यह मांग कर रहा है कि बच्चों की सुविधा और उनके स्वास्थ्य के हित में सप्ताह के एक दिन हाफ डे समय-सारणी लागू हो, ताकि शिक्षण-गुणवत्ता पर भी सकारात्मक असर पड़े।
मृत्युंजय ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में शिक्षकों पर शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ गैर-शैक्षणिक कार्यों का भी काफी दबाव है, ऐसे में हाफ डे का प्रावधान उन्हें सप्ताह में एक दिन अतिरिक्त राहत प्रदान करेगा।
उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि हाफ डे से विद्यालयों में अनुशासन, उपस्थिति और शिक्षण-सीखने की प्रक्रिया पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
विशेषकर गर्मी के मौसम में छोटे बच्चों के लिए सुबह की पाली में हाफ डे अत्यंत उपयोगी और स्वास्थ्य के अनुकूल होता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य के कई जिलों में शिक्षक संगठन इस विषय को लेकर लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं तथा शिक्षकों और छात्रों दोनों के हित में शीघ्र निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।
संघ ने शिक्षा विभाग से अपेक्षा की है कि वे इस मांग पर संवेदनशीलता के साथ विचार करें और जल्द से जल्द उपयुक्त निर्णय लें, जिससे सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता और संचालन की प्रणाली दोनों में सुधार हो सके।
परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ ने कहा कि यदि विभाग इस मांग पर सकारात्मक पहल करता है, तो राज्य के सभी प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में हाफ डे व्यवस्था लागू होने से शिक्षण-कार्य की गति को नया आयाम मिलेगा और विद्यालयों में शिक्षा का वातावरण अधिक अनुकूल बनेगा।

rkpNavneet Mishra

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