गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनीता को उत्तर प्रदेश राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (CSTUP) परियोजना के अंतर्गत रिसर्च-ग्रांट प्राप्त हुआ है। उनका शोध विषय ‘नैनोस्ट्रक्चर्ड मटेरियल्स: विषैले धातु आयनों के लिए एक कुशल सेंसर’ है।
इस परियोजना का उद्देश्य जल में उपस्थित भारी धातु आयनों का परीक्षण करने के लिए अत्यधिक स्थिरीकृत नैनोमैटेरियल्स-आधारित सेंसर प्रणाली विकसित करना है। यह नैनोमैटेरियल्स लेड और मरकरी जैसे हानिकारक आयनों को अवशोषित करने की उच्च क्षमता रखेगा।
डॉ. विनीता को तीन वर्षों की अवधि के लिए शोध-कार्य संचालित करने की सुविधा, एक जूनियर रिसर्च एसोसिएट (जेआरए) की नियुक्ति और अन्य शोध-व्यय मद सहित कुल ₹14.36 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त होगा। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी तथा आईआईटी (बीएचयू) से शोध प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने उन्हें बधाई दी। वहीं रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश नाथ त्रिपाठी, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. सुधा यादव सहित विभागीय शिक्षकों व सहयोगियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए परियोजना की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
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