सोनिया गांधी से राहुल-खरगे की शिकायत करना पड़ा भारी, कांग्रेस ने मोहम्मद मोकिम को पार्टी से निकाला

भुवनेश्वर/नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कांग्रेस पार्टी की केंद्रीय समिति (AICC) ने ओडिशा के पूर्व विधायक मोहम्मद मोकिम को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने का फैसला लिया है। इस संबंध में ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OPCC) की ओर से आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि मोहम्मद मोकिम पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप हैं, जिसके चलते यह कड़ा कदम उठाया गया।

मोहम्मद मोकिम ओडिशा के बाराबती-कटक विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई मोकिम द्वारा हाल ही में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे गए एक तीखे पत्र के बाद की गई है।

सोनिया गांधी को लिखे पत्र से बढ़ा विवाद

मोहम्मद मोकिम ने अपने पत्र में कांग्रेस की मौजूदा स्थिति, संगठनात्मक कमजोरी और आंतरिक चुनौतियों पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने लिखा था कि कांग्रेस की गिरती स्थिति के लिए बाहरी विपक्ष नहीं, बल्कि पार्टी के अंदर लिए गए फैसले जिम्मेदार हैं।

पत्र में मोकिम ने यह भी दावा किया कि वह पिछले लगभग तीन वर्षों से राहुल गांधी से मुलाकात नहीं कर सके, जो केवल उनकी व्यक्तिगत समस्या नहीं बल्कि देशभर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनात्मक दूरी को दर्शाता है।

खरगे की उम्र और नेतृत्व पर उठाए सवाल

अपने पत्र में मोकिम ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र को लेकर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने लिखा था कि देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है, लेकिन 83 वर्षीय नेतृत्व युवाओं से प्रभावी रूप से जुड़ने में असमर्थ दिख रहा है। मोकिम का कहना था कि पार्टी को युवा वर्ग से जोड़ने के लिए नई ऊर्जा और दृष्टिकोण की जरूरत है।

प्रियंका गांधी को बड़ी भूमिका देने की मांग

हालांकि, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की आलोचना के साथ-साथ मोकिम ने प्रियंका गांधी के नेतृत्व की खुलकर तारीफ भी की थी। उन्होंने सुझाव दिया था कि पार्टी को प्रियंका गांधी को केंद्रीय और सक्रिय भूमिका देनी चाहिए, क्योंकि युवा वर्ग उनके नेतृत्व की प्रतीक्षा कर रहा है।

इसके अलावा, उन्होंने भविष्य के नेतृत्व के लिए सचिन पायलट, डीके शिवकुमार और शशि थरूर जैसे नेताओं को आगे लाने की भी वकालत की थी।

पार्टी ने माना अनुशासनहीनता

कांग्रेस नेतृत्व ने मोकिम के पत्र को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने का निर्णय लिया। पार्टी का कहना है कि आंतरिक मुद्दों को सार्वजनिक या शीर्ष नेतृत्व के समक्ष इस तरह उठाना संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ है।

Karan Pandey

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