पटना/बाढ़ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।दानापुर रेल मंडल में हुई एक सनसनीखेज वारदात ने यात्रियों और इलाके के लोगों में दहशत फैला दी। पाटलिपुत्र एक्सप्रेस (18622) के कोच बी-2 के अटेंडेंट राकेश कुमार का बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में अपहरण कर लिया। यह घटना सुबह लगभग 11:30 बजे शहरी हॉल्ट और बाढ़ स्टेशन के बीच घटी, जब बदमाशों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को जबरन रोका और अटेंडेंट को उतारकर अपने साथ ले गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यात्रियों में भय का माहौल बनाने के लिए बदमाशों ने फायरिंग भी की। घटना के बाद ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए।
सूचना मिलते ही बाढ़ और पटना रेल पुलिस के साथ RPF की टीम हरकत में आ गई। देर रात चलाए गए विशेष सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने राकेश कुमार को हाथीदह स्टेशन के पास से सुरक्षित बरामद कर लिया।
पुलिस ने इस अपहरण कांड के बाद बाढ़ इलाके में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। तलाशी में उनके पास से हथियार और अवैध शराब बरामद हुई। इनमें से तीन आरोपियों को बाढ़ थाना लाया गया है, जबकि दो से रेल पुलिस अलग से पूछताछ कर रही है।
इस घटना ने रेल यात्रियों और रेलकर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और पूरे गिरोह को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में कोच अटेंडेंट का फिल्मी अंदाज में अपहरण।बदमाशों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी और यात्रियों में दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की।RPF और रेल पुलिस की सक्रियता से देर रात अपहृत अटेंडेंट सुरक्षित बरामद।पांच संदिग्ध हिरासत में, हथियार और अवैध शराब जब्त।सुरक्षा चूक पर उठ रहे सवाल, पुलिस का कहना — पूरे गिरोह को जल्द पकड़ा जाएगा।
वाशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने गाजा के पुनर्निर्माण के लिए बड़ा…
🔮 साप्ताहिक मूलांक राशिफल 16 से 22 फरवरी 2026 Numerology Weekly Horoscope: भविष्य, करियर, धन,…
सिकन्दरपुर में शिवरात्रि पर भव्य शिव बारात, आकर्षक झांकियों ने मोहा मन सिकन्दरपुर/बलिया (राष्ट्र की…
ICC T20 World Cup 2026 में भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार…
शास्त्रोक्त चन्द्रदेव कथा – एपिसोड 13 | चन्द्रदेव का तप, क्षय-रोग और अमृत स्नान की…
भारत में तंबाकू पूर्ण निषेध की तात्कालिक आवश्यकता: जनस्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और नैतिकता पर निर्णायक विधायी…