लेख

विजय दिवस: शौर्य, संकल्प और राष्ट्रगौरव का अमर अध्याय

नवनीत मिश्र 16 दिसंबर भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम दिन है, जब पराक्रम ने अत्याचार को परास्त किया और न्याय…

7 months ago

इतिहास के पन्नों में 16 दिसंबर: जब महान आत्माएँ अमर स्मृतियों में विलीन हुए

इतिहास केवल तिथियों का क्रम नहीं होता, बल्कि उन व्यक्तित्वों की जीवंत स्मृति भी होता है जिन्होंने अपने कर्म, साहस…

7 months ago

जन्मतिथि जो बनी प्रेरणा की पहचान

🔶 16 दिसंबर: इतिहास को दिशा देने वाले महान व्यक्तित्वों का जन्मदिन 🔶 जब एक तारीख ने राजनीति, खेल, अध्यात्म…

7 months ago

भावनाओं, संघर्ष और परिवर्तन की गूंज: 16 दिसंबर का इतिहास जो मानवता को झकझोर देता है

इतिहास केवल बीती तारीखों का संकलन नहीं होता, बल्कि वह मानव सभ्यता की चेतना, संघर्ष, उपलब्धियों और त्रासदियों का जीवंत…

7 months ago

शादी के बाद प्रेमी के साथ भागने के मामले: बदलते सामाजिक मूल्यों और रिश्तों की नई परिभाषा

भारतीय समाज में विवाह को लंबे समय तक एक पवित्र, अटूट और सामाजिक दायित्व से जुड़ी संस्था माना जाता रहा…

7 months ago

“बापू के नाम पर राजनीति: हिंदू राष्ट्र परियोजना और ग्रामीण गरीबों पर प्रहार”

महात्मा अब बापू बने जिनके रूप अनेक लेखक-संजय पराते इस देश में महात्मा केवल एक है -- महात्मा गांधी, रघुपति…

7 months ago

विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 : भारत में समय-आधारित बिजली मूल्य निर्धारण की संवैधानिक और नीतिगत रूपरेखा

विज़न 2047 में टाइम-ऑफ-डे टैरिफ व्यवस्था भारत को न केवल ऊर्जा दक्ष बनाएगी, बल्कि उसे वैश्विक ऊर्जा संक्रमण की मुख्यधारा…

7 months ago

मूर्खता के मंत्र से धूर्तता की साधना

आलेख-बादल सरोज इस सप्ताह शुरुआत राजनाथ सिंह ने की। उन्हें कुछ लोग उनकी पार्टी के रेवड़ में अलग तरह की…

7 months ago

राजनीति में रिश्तों का टूट रहा दम—स्वार्थ की आंच में जलती मानवीय संवेदनाएं

कैलाश सिंह महराजगंज( राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय लोकतंत्र की जड़ें सामाजिक संबंधों, विश्वास और संवाद की संस्कृति पर टिकी रही…

7 months ago

आवारा कुत्तों की गिनती से क्लासरूम तक: शिक्षक बोझ का सच

सरकारी स्कूलों में गिरते शिक्षा स्तर के लिए कौन जिम्मेदार? शिक्षक या सरकार: ‘शिक्षक पर बढ़ता गैर-शैक्षणिक बोझ’ बना राष्ट्रीय…

7 months ago