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शब्दों की चकाचौंध बनाम जनहित का सच

डॉ. सतीश पाण्डेय महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आज का लोकतंत्र शब्दों की ऐसी चमक में उलझता जा रहा है, जहां…

10 months ago

क्या शिक्षा केवल नौकरी का साधन बन चुकी है?

ज्ञान, संस्कार और सोच के पतन पर एक गंभीर मंथन आज के भारत में शिक्षा को लेकर सबसे बड़ा और…

10 months ago

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस: ऊर्जा बचत से ही सुरक्षित होगा भविष्य

नवनीत मिश्र भारत में प्रत्येक वर्ष 14 दिसम्बर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य…

10 months ago

बाबा राघव दास: जनसेवा और करुणा के शिखर पुरुष ‘पूर्वांचल के गांधी’

जयन्ती पर विशेष नवनीत मिश्र बाबा राघव दास आधुनिक भारत के उन दुर्लभ महापुरुषों में शामिल किए जाते हैं, जिन्होंने…

10 months ago

बाल कृष्ण शर्मा ‘नवीन’ : राष्ट्रीय चेतना के प्रखर कवि और बहुआयामी साहित्यकार

हिंदी साहित्य के स्वर्णिम इतिहास में बाल कृष्ण शर्मा ‘नवीन’ उन रचनाकारों में प्रमुख हैं, जिन्होंने अपनी कविता, पत्रकारिता और…

10 months ago

पुराण: भारतीय ज्ञान-संस्कृति का शाश्वत आधार

● नवनीत मिश्र भारतीय ज्ञान–परंपरा का यदि कोई ऐसा साहित्यिक आधार है जिसने सहस्राब्दियों तक हमारी संस्कृति, सोच, आस्था और…

11 months ago

संविधान दिवस: लोकतांत्रिक मर्यादाओं को फिर से याद करने का दिन

भारत का संविधान मात्र एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि इस राष्ट्र की आत्मा, आकांक्षाओं और सामूहिक चेतना का जीवंत घोषणापत्र…

11 months ago

वेद: मानव सभ्यता का शाश्वत प्रकाश

✒️नवनीत मिश्र वेद भारतीय ज्ञान परंपरा की वह प्रथम ज्योति हैं, जिनसे मानव सभ्यता ने अपने विकास का मार्ग पहचाना।…

11 months ago

प्रकृति के मौन संदेशों को सुनने वाले वैज्ञानिक: डॉक्टर जगदीश चंद्र बोस

● पुनीत मिश्र विज्ञान के विशाल परिदृश्य में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो केवल प्रयोगशाला की दीवारों तक सीमित…

11 months ago

आठ पहर चौसठ घड़ी, लगा रहे अनुराग: प्रेम और समर्पण की अनंत भावना

● नवनीत मिश्र भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में प्रेम, भक्ति और समर्पण को व्यक्त करने के लिए अनेक गूढ़ और काव्यमय…

11 months ago