कहानी

हिन्दी साहित्य के मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार जैनेन्द्र कुमार: विचार, संघर्ष और रचना-दृष्टि

पुनीत मिश्र हिन्दी साहित्य के इतिहास में जैनेन्द्र कुमार का नाम एक ऐसे रचनाकार के रूप में स्थापित है, जिन्होंने…

2 weeks ago

लक्ष्य प्राप्ति की राह

प्रेरक प्रसंग: मो.मोइजुद्दीन- झारखण्ड एक किसान के घर एक दिन उसका कोई परिचित मिलने आया। उस समय वह घर पर…

3 weeks ago

राजनैतिक व्यंग्य और सत्ता का डर: फिल्म, आस्था और कानून की कहानी

मूर्खता और अड़ियलपन से भरी नकटी सरकार -विष्णु नागर तो मोदी सरकार ने अपनी नाक केरल में कटवा ली। यही…

3 weeks ago

जब लालच आस्था पर भारी पड़ जाए: इंसान की बदलती फितरत की सच्ची तस्वीर

इंसान की फितरत का सच: जब पैसा गिनते हैं तो ध्यान एकाग्र, और जब माला फेरते हैं तो बिखर जाता…

1 month ago

जीवन में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र – धैर्य और संयम

धैर्य की जीत: क्रोध, बदले और अहंकार के बोझ से डूबता इंसान कहते हैं धैर्य कड़वा होता है, लेकिन उसका…

1 month ago

राजनीति नहीं, परिवार पहली प्राथमिकता – विधायक की भावुक कहानी

अमरेंद्र पाण्डेय ने जब कहा भतीजा के साथ लौटूंगा गाँव बन गया मिशाल “एक रिश्ता, जो राजनीति से ऊपर है…

1 month ago

ताकतवर होकर भी झुक जाना श्रेष्ठ गुण—एक कहानी जो मन को छू जाए

(राष्ट्र की परम्परा | कहानी डेस्क | शशांक भूषण मिश्र) ताकतवर होकर भी झुक जाना श्रेष्ठ गुण है, और श्रेष्ठ…

2 months ago

भेष के अनुरूप आचरण क्यों ज़रूरी? नाम से नहीं, कर्म से बनती है पहचान

राष्ट्र की परम्परा डेस्क दिलीप पाण्डेय– एक प्रेरक कहानी समाज में अक्सर कहा जाता है कि “जैसा भेष, वैसा आचरण…

2 months ago

“आख़िरी स्टेशन” – गाँव लौटे रघुवीर की जीवन यात्रा ने बदल दी माधवपुर की तस्वीर

माधवपुर/बिहार (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। यह कहानी है रघुवीर नाम के एक मजदूर की, जो ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव झेलकर अपने…

2 months ago

किस्सा कुर्सी का

लघुकथा सुनीता कुमारीपूर्णियां बिहार छोटे से राज्य जनविकासपुर में चुनाव का मौसम था। हर गली में पोस्टर, हर चौराहे पर…

3 months ago