कहानी

“आख़िरी स्टेशन” – गाँव लौटे रघुवीर की जीवन यात्रा ने बदल दी माधवपुर की तस्वीर

माधवपुर/बिहार (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। यह कहानी है रघुवीर नाम के एक मजदूर की, जो ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव झेलकर अपने…

10 months ago

किस्सा कुर्सी का

लघुकथा सुनीता कुमारीपूर्णियां बिहार छोटे से राज्य जनविकासपुर में चुनाव का मौसम था। हर गली में पोस्टर, हर चौराहे पर…

11 months ago

पति की लंबी आयु और सौभाग्य के लिए पवित्र व्रत की अनूठी कथा

पति की रक्षा और सौभाग्य के लिए करवा चौथ व्रत का रहस्य प्रस्तुति-अनुराधा भारत में पारंपरिक त्यौहारों और व्रतों की…

11 months ago

बचपन के त्योहारों की छुट्टियाँ: रिश्तों का संगम और मामा के घर की रौनक

(वशिष्ठ सिंह) 🎉 त्योहार आते ही सिर्फ छुट्टियाँ और मेले का आनंद नहीं मिलता था, बल्कि पूरा परिवार एकजुट होकर…

11 months ago

1980-90 के दशक का दशमी का मेला: संस्कृति, श्रद्धा और लोकजीवन की जीवंत झलक

भारत की सांस्कृतिक परंपरा में दशहरा और दुर्गा पूजन का पर्व सदियों से विशेष स्थान रखता है। 1980 से 1990…

11 months ago

“बुढ़ापे की अकेलापन: जीवन का सबसे कठिन समय

धर्मेंद्र का परिवार बड़ा और सुशोभित है। दो पत्नियां, छह बच्चे, तेरह नाती-पोते और तीन दामाद। लेकिन फिर भी, अपने…

11 months ago

“अब सोच बदलनी होगी: भ्रष्टाचार से समझौता नहीं – नई पीढ़ी को लेना होगा संकल्प

आज का भारत प्रगति के पथ पर है, लेकिन भ्रष्टाचार अब भी समाज और व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती…

12 months ago

“छोटी सीख, बड़ा बदलाव”

हमारे समाज में बदलाव की शुरुआत अक्सर सबसे छोटे कदम से होती है। परंतु, यही छोटे कदम बड़े बदलाव की…

12 months ago

धैर्य का पाठ : समाज में सफलता की कुंजी

(दिलीप पाण्डेय की राष्ट्र की परम्परा के लिए प्रस्तुति ) कहानी – “खाली गमले का रहस्य” एक विद्यालय में प्रधानाचार्य…

12 months ago

डिजिटल दुनिया में भावनाओं का सैलाब

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। आज की डिजिटल दुनिया में, सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रह गया…

12 months ago