प्रथम से लेकर अंतिम साँस तक,मानव जीवन की वास्तविकता है,इन साँसों को जी भर कर जियो,और जब मरो तो मर…
मत रो माँ, अब मत रो,तेरी बेटी की आवाज़ हम सब हैं,न्याय की राह पर चल पड़े,अब जाग उठा हर…
रिश्तों में मोहब्बत का दिया जलना चाहिए,ना बहन रोए, ना बहू को तन्हा रहना चाहिए। जिस घर में बेटियों को…
नाराज़ प्रकृति की नाराज़गी हैं भयंकर,स्वार्थवश संसाधनों का 'दोहन' निरंतर।प्रकृति-मानव का संबंध सदियों पुराना,ऊपर उठाया लाभ चुरा लिया खजाना।पिघल रहे…
आजमैं पहली बारमन्दिर की ओर चल पड़ाघण्टों वहाँ बैठा रहाऔर जब घर लौटा —तो रात भर बस यही सोचता रहाकि…
देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया द्वारा तुलसी जयंती की पूर्व संध्या पर एक भव्य काव्य संध्या का आयोजन…
बलिया(राष्ट्र की परम्परा) भारत में प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारतवासियों के…
बलिया(राष्ट्र की परम्परा) सूख गई नदी लहरों का पता नहीं।जीव जंतु बेहाल है पानी का पता नहीं।।टूटी हुई है नाव…
शिव ही आदि, शिव ही अंत हैं,शिव ही ब्रह्म, शिव ही ब्रह्मतंत्र हैं।शिव ही बीज, शिव ही वृक्ष विशाल,शिव में…
स्वभाव और विचारों में अंतर हो तो,भी स्नेह में अंतर नहीं होना चाहिए,अच्छाई साबित करना जरूरी नहीं है,पर हमें अच्छा…