गर्दन को झुकाकर मोबाइल में यदि
अजनबी रिश्तों से हम जुड़ सकते हैं,
हकीकत के रिश्तों में गर्दन झुकाकर
एक दूसरे को भी हम समझ सकते हैं।
सर झुका ट्विटर ट्विटर कर सकते हैं,
अजनबियों से दोस्ती रख सकते हैं,
सामाजिक सौहार्द के हित में भी हम,
एक दूसरे से मिलजुल रह सकते हैं।
विश्वास यह करना कि हर एक पर
विश्वास करना स्वाभाविक होता है,
कोई प्यार से पेश आये तो उसपर
अविश्वास का कोई कारण नहीं है।
वैसे अपनी अपनी क़िस्मत है कि
सबको सब कुछ कहाँ मिलता है,
एक सामान्य जीवन जीने के लिये,
इस तथ्य पर विश्वास करना होता है।
संसार की हर वस्तु में ईश्वर ने
सुंदरता का भाव व गुन डाला है,
परंतु हम में से कोई कोई ही ईश्वर
के इस भाव व गुण को देख पाता है।
हम यह सुंदरता और यह भाव देख
सकते हैं, यदि सच में प्रकृति प्रेमी हैं,
बस ईश्वर की करनी देखने के लिए
उसमें आस्था व विश्वास रखनी है।
हमारी प्रकृति ही नहीं सारा संसार ही
एक अद्भुत व चमत्कारिक आवरण है,
आदित्य समझने के लिए रचनात्मक
सोच और सार्थक कल्पना ज़रूरी है।
•कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
लखनऊ
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) सपा कार्यकर्ताओ ने मंगलवार को दीवानी कचहरी रोड स्थित सपा के…
बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l क्षेत्र के अजयपुरा गांव में श्रीरुद्र शतचंडी महायज्ञ चल रहा है। इसमें…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। हिंदुस्तान ओलंपियाड न केवल स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए एक…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनगणना-2027 से संबंधित फील्ड ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने राजनीति…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर तथा संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग, गोरखपुर…