राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2025 के अवसर पर बच्चों के लिए आयोजित हुआ कार्यक्रम “एस्ट्रोसाइज जूनियर”

पटना/बिहार (राष्ट्र की परम्परा)। शनिवार को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर बिहार के बच्चों को विज्ञान और स्वास्थ्य के संगम का नया अनुभव देने के उद्देश्य से “एस्ट्रोसाइज जूनियर” कार्यक्रम की शुरुआत की गई। “टीचर्स ऑफ बिहार” और यूनाइटेड किंगडम की प्रतिष्ठित संस्था “एस्ट्रोसाइज” के संयुक्त प्रयास से यह आयोजन न केवल विज्ञान के प्रति बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ाया, बल्कि उनके स्वस्थ भविष्य की नींव भी रखा। इस कार्यक्रम की शुरुआत 22 अगस्त 2025 को शिक्षकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण से हुई जिसमें बिहार के सरकारी विद्यालयों के सैंकड़ों शिक्षक भाग लिए। तत्पश्चात प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों ने 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर अपने-अपने विद्यालयों के बच्चों के बीच चेतना सत्र में अंतरिक्ष-प्रेरित फिटनेस सत्र आयोजित किया।
चेतना सत्र में आयोजित फिटनेस सत्र के बाद ऑनलाइन माध्यम से जुड़े सैंकड़ों बच्चों के बीच “एस्ट्रोसाइज जूनियर” कार्यक्रम में अंतरिक्ष यात्रियों की फिटनेस गतिविधियां बच्चों के लिए सरल व मजेदार रूप में प्रस्तुत की गई। इस कर्मक्रम को संबोधित करते हुए यूके स्थित प्रतिष्ठित संस्था एस्ट्रोसाइज की संस्थापक सह एस्ट्रोसाइज न्यूरो रीहैब एवं स्ट्रोक ई.एस.डी. विशेषज्ञ, एन.एच.एस. ( यूके), अंतरिक्ष स्टेशन राजदूत, (अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन प्रयोगशाला, संयुक्त राज्य अमेरिका) गरिमा गेडामकर ने कहा कि “हमारा लक्ष्य है कि बच्चे विज्ञान व फिटनेस को केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बना सकें। ऑनलाइन माध्यम से जुड़े बिहार के बच्चों ने भी अंतरिक्ष एवं अंतरिक्ष यात्री के बारे में विस्तार पूर्वक जाना। बच्चों ने कई तरह के सवाल पूछे जिसमें अंतरिक्ष में कैसे जाते हैं? वहां कैसे रहते हैं? कैसे खाते हैं? खाद्य सामग्री अंतरिक्ष स्टेशन में कैसे जाता है? अंतरिक्ष स्टेशन में अपने आप को फिट रखने के लिए अंतरिक्ष यात्री किस प्रकार के और कैसे-कैसे व्यायाम करते हैं? अंतरिक्ष स्टेशन में जाने के लिए क्या-क्या मापदंड निर्धारित हैं? अंतरिक्ष स्टेशन से वापस आने पर उनकी दिनचर्या कैसी होती है? सवाल प्रमुख थे। टीचर्स ऑफ़ बिहार टेक्निकल टीम लीडर ई. शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने बताया की कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में टीम वर्क, अनुशासन, आत्मविश्वास और विज्ञान-प्रेरित सोच का विकास करना है। कार्यक्रम के मॉडरेटर एवं टीचर्स ऑफ बिहार के संस्थापक शिव कुमार ने बताया की “हमारा सपना है कि हर बच्चे तक क्वालिटी एजुकेशन, स्वास्थ्य और विज्ञान की सोच पहुंचे। ‘एस्ट्रोसाइज जूनियर’ सिर्फ फिटनेस ही नहीं, बल्कि बच्चों में अंतरिक्ष के प्रति लगन और वैज्ञानिक सोच को भी पैदा करेगा। भविष्य की पीढ़ी जब मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत होगी, तभी बिहार और देश दोनों विकसित होंगे।” इस कार्यक्रम के सफल आयोजन मे टीचर्स ऑफ़ बिहार के इवेंट लीडर केशव कुमार का सराहनीय योगदान रहा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पूरी तरह निःशुल्क था जिसमें बिहार के किसी भी सरकारी विद्यालयों के बच्चे भाग ले सकते थे। प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार एवं प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण में भाग लेने वाले शिक्षकों को ‘एस्ट्रोसाइज, यूके’ एवं टीचर्स ऑफ बिहार की ओर से सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। वही इस अवसर पर शपथ लेने वाले बच्चों को भी शपथ पत्र प्रदान किए जाएंगे।

Karan Pandey

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