सादुल्लानगर/बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा)।
“यह तस्वीरें हैं बलरामपुर जिले के रेहरा बाजार क्षेत्र की, जहाँ पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसते इंसान ही नहीं, बल्कि बेजुबान भी परेशान हैं।
गोल्हीपुर, परसरामपुर, गूमा फातमाजोत, पतकरपुर, कथरहा एवजपुर, नथईपुर कानून गो और देवरिया इनायत जैसे गाँवों में आदर्श पोखरे, अमृत सरोवर और अन्य जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं।”
ग्रामीण मिश्रीलाल यादव,महेश वर्मा ने बताया कि”पशुओं को पीने के पानी के लिए बहुत दिक्कत हो रही है, नहर-तालाब सब सूख गए हैं।”
“नील गाय जैसे जानवर अब गाँवों में आकर पानी खोज रहे हैं, ये स्थिति पहले कभी नहीं देखी।”
राधेश्याम श्रीवास्तव ने बताया कि”पक्षियों की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। वे घरों की छतों और गमलों में रखे पानी तक पहुँचने की कोशिश करते दिख रहे हैं। मनीष शुक्ला और राजन तिवारी जैसे स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, जल संकट का सीधा असर पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।”
समाजसेवी भगवान पूजन पटेल ने बताया कि”अगर जल्द पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन को तुरंत कदम उठाना चाहिए।”
“ग्रामीणों की माँग है कि प्रशासन तालाबों, नहरों और पोखरों में पानी भरवाने जैसी व्यवस्थाएँ तुरंत करे। क्योंकि जल संकट सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि जीव-जंतु सभी को प्रभावित कर रहा है।”।
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