लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व नौकरशाहों के सक्रिय होने का सिलसिला लगातार चर्चा में है। इसी बीच पूर्व आईपीएस अधिकारी और आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल की स्वतंत्र राजनीतिक पहल का स्वागत किया है। ठाकुर ने दिव्या मित्तल को पत्र लिखकर उनके प्रशासनिक सेवा से अलग होकर सार्वजनिक जीवन में नई भूमिका शुरू करने के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
दिव्या मित्तल ने 29 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया के जरिए अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने की घोषणा की थी। उन्होंने संकेत दिया कि फिलहाल वह किसी स्थापित राजनीतिक दल का हिस्सा बनने के बजाय उत्तर प्रदेश में जनता के बीच से स्वतंत्र राजनीतिक पहल को आगे बढ़ाना चाहती हैं। उनकी पहल में आम नागरिकों की समस्याओं, जवाबदेही और जनभागीदारी को प्रमुख मुद्दों के रूप में सामने रखा गया है।
अमिताभ ठाकुर ने अपने पत्र में कहा कि स्थापित राजनीतिक दलों से अलग रहकर नागरिकों के बीच से नई राजनीतिक पहल खड़ी करने का प्रयास अपने आप में महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिक अधिकार, जवाबदेही और संवैधानिक मूल्यों को सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रमुख सरोकारों के रूप में रेखांकित किया।
ठाकुर ने यह भी कहा कि स्वतंत्र रूप से काम करने वाली राजनीतिक पहलों के बीच यदि कुछ मूल मुद्दे समान हों तो एक-दूसरे के प्रयासों को समझना और उनका सम्मान करना स्वाभाविक है। इसी सोच के तहत उन्होंने दिव्या मित्तल की नई राजनीतिक पहल का संज्ञान लेते हुए उन्हें पत्र लिखा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पत्र किसी औपचारिक राजनीतिक प्रस्ताव के तौर पर नहीं है और न ही वह तत्काल किसी प्रतिक्रिया की अपेक्षा कर रहे हैं। उनका उद्देश्य स्वतंत्र राजनीति, नागरिक भागीदारी और उत्तर प्रदेश के भविष्य से जुड़े अपने अनुभव एवं विचार दिव्या मित्तल के साथ साझा करना है।
13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद नई राजनीतिक पारी
दिव्या मित्तल 2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी रही हैं। करीब 13 वर्ष प्रशासनिक सेवा में रहने के बाद उन्होंने 30 अगस्त 2026 को अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद यह 15 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ।
प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान दिव्या मित्तल ने मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट, गौतमबुद्ध नगर में मुख्य विकास अधिकारी, यूपीसीडा में संयुक्त प्रबंध निदेशक और बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां संभालीं। वह संतकबीरनगर और मिर्जापुर की जिलाधिकारी भी रह चुकी हैं।
राजनीति में आने की घोषणा के दौरान दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए यहीं से नई राजनीतिक यात्रा शुरू करने की बात कही। उन्होंने बदलाव के लिए किसी एक व्यक्ति का इंतजार करने के बजाय आम लोगों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया है।
अमिताभ ठाकुर पहले से सक्रिय हैं स्वतंत्र राजनीति में
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर वर्ष 2021 में सक्रिय राजनीति में आने की घोषणा कर चुके हैं। उनकी आजाद अधिकार सेना निर्वाचन आयोग में पंजीकृत राजनीतिक दल है। पार्टी ने 2022 के चुनाव में उम्मीदवार उतारे थे। अगस्त 2026 में ठाकुर ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 100 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा भी की थी।
दिव्या मित्तल की स्वतंत्र राजनीतिक पहल और अमिताभ ठाकुर के समर्थन के बाद उत्तर प्रदेश में पूर्व नौकरशाहों के राजनीतिक सफर को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है। हालांकि, दिव्या मित्तल ने अभी अपने प्रस्तावित राजनीतिक मंच के नाम, संगठनात्मक ढांचे या चुनावी भागीदारी को लेकर विस्तृत घोषणा नहीं की है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि प्रशासनिक सेवा से सार्वजनिक जीवन की राजनीति में कदम रखने के बाद दिव्या मित्तल की यह पहल किस स्वरूप में आगे बढ़ती है और इसमें नागरिक भागीदारी को किस तरह जोड़ा जाता है।
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