वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका ने एक बार फिर पाकिस्तान को बड़ा कूटनीतिक झटका दिया है। ट्रंप प्रशासन ने गुरुवार 29 जनवरी 2026 को सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए पाकिस्तान जाने की योजना बना रहे अमेरिकी नागरिकों से अपने यात्रा प्लान पर दोबारा विचार करने की अपील की है। पाकिस्तान की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) ने अपनी ताज़ा ट्रैवल एडवाइजरी में कहा है कि अपराध, आतंकवाद और अपहरण के बढ़ते खतरे के कारण पाकिस्तान की यात्रा जोखिमभरी हो सकती है।
पाकिस्तान को लेवल-3 हाई रिस्क जोन में रखा
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने पाकिस्तान को लेवल-3 ट्रैवल एडवाइजरी में रखा है, जो हाई रिस्क जोन को दर्शाता है। इस श्रेणी में ऐसे देशों को शामिल किया जाता है, जहां बिना किसी चेतावनी के आतंकवादी हमले हो सकते हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, आतंकियों के संभावित टारगेट में—
• ट्रांसपोर्टेशन हब
• होटल, बाजार और शॉपिंग मॉल
• सेना और सुरक्षा ठिकाने
• एयरपोर्ट और ट्रेन
• स्कूल, अस्पताल
• पूजा स्थल और पर्यटन स्थल
• सरकारी इमारतें
शामिल हैं।
लेवल-4 इलाकों में यात्रा न करने की चेतावनी
एडवाइजरी में खैबर पख्तूनख्वा के कुछ हिस्सों और अन्य संवेदनशील इलाकों को लेवल-4 में रखा गया है, जिसका अर्थ है— यहां यात्रा बिल्कुल न करें।
अमेरिकी नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि इन क्षेत्रों में हत्या और अपहरण की घटनाएं आम हैं, खासकर सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों के खिलाफ।
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बलूचिस्तान और पूर्व FATA से दूर रहने की सलाह
अमेरिकी एडवाइजरी के अनुसार,
“आतंकवाद और अपहरण के खतरे के कारण अमेरिकी नागरिक बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की यात्रा न करें, जिसमें पूर्व का फेडरली एडमिनिस्टर्ड ट्राइबल एरिया (FATA) भी शामिल है।”
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि आतंकवादी हमले केवल सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कराची और इस्लामाबाद जैसे बड़े शहरों में भी हो चुके हैं। यह चेतावनी पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिकों पर भी लागू होगी।
विरोध या सोशल मीडिया पोस्ट पर हो सकती है गिरफ्तारी
अमेरिकी विदेश विभाग ने यह भी आगाह किया कि पाकिस्तान में बिना परमिट विरोध या प्रदर्शन करना कानूनन प्रतिबंधित है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि—
• किसी विरोध के पास मौजूद होने पर भी सुरक्षा एजेंसियां कार्रवाई कर सकती हैं
• विरोध में शामिल होने पर अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया जा चुका है
• सोशल मीडिया पर पाकिस्तान सरकार, सेना या अधिकारियों की आलोचना करने पर भी हिरासत संभव है
ट्रंप ने एक महीने में पाकिस्तान को दूसरा झटका
इससे पहले इसी महीने ट्रंप प्रशासन ने 21 जनवरी से 75 देशों के आवेदकों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया सस्पेंड करने का ऐलान किया था। इसका असर दक्षिण एशिया के देशों पर भी पड़ा, जिनमें पाकिस्तान और बांग्लादेश शामिल हैं।
अमेरिकी वीजा पर रोक को लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि यह सस्पेंशन अस्थायी होगा और जल्द ही प्रक्रिया सामान्य हो सकती है, हालांकि तब तक आवेदनों का बैकलॉग बढ़ने की आशंका है।
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