संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। पत्नी की गैर इरादतन हत्या के प्रयास के आरोपी पति को अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार तृतीय की कोर्ट ने दोष सिद्ध करार देते हुए एक वर्ष के परिवीक्षा पर छोड़ने का फैसला सुनाया। आरोपी पति लालचन्द्र पर अपनी पत्नी को फावड़े एवं फावड़े की बेट से मारने के गैर इरादतन हत्या के प्रयास का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने परिवीक्षा अवधि के दौरान आरोपी को सदाचरण कायम रखने का आदेश दिया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विवेक प्रताप सिंह ने बताया कि मामला ग्राम मूड़ाडीहा थाना धनघटा का है । प्रकरण में पीड़िता की मां मराची देवी पत्नी राजपति ग्राम कूरी बाजार थाना बेलघाट जनपद गोरखपुर ने अभियोग पंजीकृत कराया था। वादिनी का आरोप था कि उसने अपनी पुत्री मुनक्का की शादी 13 वर्ष पहले लालचन्द्र पुत्र बरखू ग्राम मूड़ाडीहा थाना धनघटा के साथ किया था। इनके रहने के लिए ग्राम मूड़ाडीहा एवं ग्राम सन्ठी में मकान बनवाई थी। पति-पत्नी एक साथ सन्ठी में रहते थे। दिनांक 20 फरवरी 2010 की रात समय लगभग 12 बजे तू – तू , मैं – मैं होने पर दामाद ने फावड़े एवं फावड़े के बेट से पुत्री को मारकर घायल कर दियाl जिसका उपचार मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में चल रहा है । वह बेहोशी की हालत में है। इस संबंध में वादिनी ने दिनांक 21 मार्च 2010 को अभियोग पंजीकृत कराया था । विवेचना के उपरांत पुलिस ने आरोपी पति के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार तृतीय की कोर्ट ने पक्षों की बहस सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के पश्चात आरोपी पति को दोषसिद्ध करार दिया। कोर्ट ने पति पत्नी के मध्य का मामला होने के कारण एक वर्ष की अवधि के लिए सदाचरण कायम रखते हुए 25 हजार रुपए के व्यक्तिगत बन्ध पत्र एवं समान धनराशि के दो प्रतिभू पर सशर्त परिवीक्षा पर छोड़े जाने का फैसला सुनाया।
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