श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ बनकटाशिव: पंचम दिवस पर उमड़ा जनसैलाब, विग्रह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में भक्ति और भव्यता का संगम
देवरिया, सल्लहपुर/भटनी(राष्ट्र की परम्परा ) श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ बनकटाशिव के पंचम दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सल्लहपुर, भटनी (देवरिया) स्थित नवनिर्मित भव्य मंदिर परिसर में चल रहे श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ बनकटाशिव एवं विग्रह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है। बनकटाशिव धाम अब जन आकांक्षाओं के अनुरूप आस्था का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
मंदिर परिसर में प्रतिदिन परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। चारों ओर मंदिर की भव्यता और दिव्यता की चर्चा है। आयोजन समिति के अनुसार, आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
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ब्रह्ममुहूर्त से सायंकाल तक वेद मंत्रों की गूंज
पंचम दिवस पर ब्रह्ममुहूर्त से ही यज्ञ मंडप में वैदिक अनुष्ठान प्रारंभ हो गया। यज्ञाचार्य रंगनाथ त्रिपाठी जी एवं 27 आचार्यों ने वेदों और पुराणों के मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान संपन्न कराया। श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ बनकटाशिव के प्रमुख यजमान डॉ. नंदकिशोर तिवारी, नीलेश्वर राय, घनश्याम राय, विनय राय, सिद्धार्थ राय, राजेश राय, सुरेश राय, धन्नजय राय, सच्चिदानंद तिवारी,अशोक तिवारी सहित अन्य श्रद्धालु सपत्नीक यज्ञ में आहुतियां देते रहे।
पूरे यज्ञ मंडप में वैदिक मंत्रों की गूंज से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
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भागवत कथा में मानव जीवन का महत्व
अयोध्या धाम से पधारी परम पूज्या लक्ष्मी प्रिया जी ने दोपहर में श्रीमद्भागवत कथा का रसपूर्ण वाचन किया। कथा के दौरान उन्होंने मनुष्य जीवन के महत्व, निःस्वार्थ प्रेम और समर्पण पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मानव जीवन दुर्लभ है और इसे धर्म, भक्ति एवं सेवा में लगाना चाहिए।
श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ बनकटाशिव के मंच से गीता और भागवत के संदेशों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा के उपरांत भक्तों ने कथावाचिका के सरस और प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण की प्रशंसा की।
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भजन संध्या में भक्तिमय समा
सायं 6:30 बजे वृंदावन-मथुरा से पधारे भजन गायक ध्रुव शर्मा जी एवं स्वर्ण शर्मा ने युगल भजनों से वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। “अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम”, “मेरे बांके बिहारी”, “मेरी राधा गोरी-गोरी” जैसे लोकप्रिय भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे।
भजन संध्या के दौरान पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखों में भक्ति और आनंद की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
मुख्य अतिथियों का सम्मान
भागवत कथा के दौरान मुख्य अतिथि डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव (महापौर, गोरखपुर) एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. संजयन त्रिपाठी (हिंदी विभागाध्यक्ष), डॉ. अजय श्रीवास्तव (पूर्व परीक्षा नियंत्रक, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय) और श्रीमती ऋतु शाही (महिला मोर्चा अध्यक्षा, देवरिया) को आयोजन समिति के प्रमुख प्रभात कुमार राय द्वारा अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
रामलीला में लंका दहन का मंचन
दोपहर 10 बजे से आयोजित रामलीला में हनुमान जी और विभीषण के मिलन तथा लंका दहन का सजीव मंचन किया गया। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय ने जनमानस को रोमांचित कर दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी दर्शक मंत्रमुग्ध होकर रामलीला का आनंद लेते रहे।
आयोजक का आभार और अपील
श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ बनकटाशिव के प्रमुख आयोजक प्रभात कुमार राय ने दूर-दराज से आए संत-महात्माओं, ग्रामवासियों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह महायज्ञ क्षेत्र की आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है और सभी के सहयोग से ही यह सफल हो रहा है।
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