फल-सब्जियों के प्रसंस्करण से आय बढ़ाने के बताए तरीके, पीएमएफएमई योजना की भी दी जानकारी
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। ग्रामीण क्षेत्र में उपलब्ध फल एवं सब्जियों को प्रसंस्कृत कर छोटे उद्योग के रूप में विकसित करने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजकीय फल संरक्षण केंद्र महराजगंज की ओर से मुख्यमंत्री ग्राम स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ग्राम सभा पिपरा नरायनपुर, विकासखंड मिठौरा में दो दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। 15 से 16 सितंबर तक चले प्रशिक्षण में 30 प्रशिक्षार्थियों ने प्रतिभाग किया। उन्हें खाद्य प्रसंस्करण की तकनीक, सूक्ष्म उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार शुरू करने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान सत्येंद्र ने किया। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फल एवं सब्जियों को प्रसंस्कृत कर विभिन्न प्रकार के खाद्य उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इससे कृषि उत्पादों का बेहतर उपयोग करने के साथ ही ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार एवं आय के अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
प्रशिक्षार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी सूक्ष्म एवं लघु उद्योग इकाई स्थापित करने, प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद तैयार करने तथा फल एवं सब्जियों के संरक्षण और प्रसंस्करण की तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया, योजना के लाभ और स्वरोजगार की संभावनाओं से भी अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण में धर्मराज मिश्रा, राम हर्ष प्रसाद तथा गृह विज्ञान की प्रवक्ता उषा देवी ने विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। प्रशिक्षार्थियों को स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर कम लागत में छोटे स्तर की खाद्य प्रसंस्करण इकाई शुरू करने और उसे आय के स्थायी साधन के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षण सामग्री का वितरण लीलावती देवी ने किया। दो दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर ग्राम प्रधान की ओर से सभी 30प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का संचालन राज किशोर सिंह, प्रभारी ने किया। अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का व्यावहारिक उपयोग कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
