बलिया (राष्ट्र की परम्परा )
हुसैनपुर स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजा समारोह एवं श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति के माहौल में हुआ। प्रथम दिवस की कथा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया गया। जैसे ही कथा वाचिका पूज्या सुश्री दिव्यांशी किशोरी जी ने श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया, पूरा कथा परिसर नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की… के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को उत्साह के साथ मनाया।कथा वाचिका ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है और धर्म की हानि होती है, तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। कंस के अत्याचार से त्रस्त मथुरा की जनता को मुक्ति दिलाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी और वासुदेव के यहां अवतार लिया। भगवान के जन्म का प्रसंग सुनते ही श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।इस दौरान बधाई गीतों और भजनों की प्रस्तुति से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। महिलाओं और पुरुष श्रद्धालुओं ने बधाई गीतों पर उत्साह व्यक्त किया। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की आकर्षक झांकी भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
कथा स्थल पर पहुंचने पर कथा वाचिका का ग्रामीणों और दूर-दराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। बंसी बाजार इंटर कॉलेज के प्रबंधक डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डॉक्टर साहब, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अखिलेश सिंह, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि दिग्विजय सिंह सहित अन्य लोगों ने कथा वाचिका को फूलमाला पहनाकर एवं अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया।
कथा के समापन पर भगवान श्रीकृष्ण की आरती उतारी गई। श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 4 से 10 सितंबर तक प्रतिदिन शाम सात बजे से होगा। 10 सितंबर को कथा समापन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।