24 फ़रवरी को हुए निधन भारतीय और विश्व इतिहास में विशेष महत्व रखते हैं। इस दिन कला, सिनेमा, संगीत, साहित्य और इतिहास जगत की कई महान हस्तियों ने दुनिया को अलविदा कहा। 24 फ़रवरी को हुए निधन केवल तारीख नहीं, बल्कि प्रेरणा, उपलब्धि और विरासत की याद दिलाने वाला अध्याय हैं। आइए जानते हैं 24 फ़रवरी को हुए निधन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्वों के बारे में विस्तार से।
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🎬 श्रीदेवी (निधन: 2018)
भारतीय सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार मानी जाने वाली श्रीदेवी ने हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में अद्भुत अभिनय किया।
उनकी प्रमुख फ़िल्मों में चांदनी, मिस्टर इंडिया, नगीना और मॉम शामिल हैं।
24 फ़रवरी 2018 को दुबई में उनका आकस्मिक निधन हुआ। 24 फ़रवरी को हुए निधन में श्रीदेवी का नाम भारतीय सिनेमा के इतिहास में सदैव भावनात्मक रूप से याद किया जाता है।
🎤 सरदूल सिकंदर (निधन: 2021)
पंजाबी लोक और पॉप संगीत के प्रसिद्ध गायक सरदूल सिकंदर ने 1980–90 के दशक में अपार लोकप्रियता हासिल की।
उनके गीत आज भी पंजाब और प्रवासी भारतीयों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
24 फ़रवरी 2021 को उनका निधन हुआ। 24 फ़रवरी को हुए निधन में संगीत जगत की यह बड़ी क्षति मानी गई।
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🎭 ललिता पवार (निधन: 1998)
हिंदी सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री ललिता पवार ने 700 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया।
रामानंद सागर की रामायण में मंथरा की भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।
24 फ़रवरी 1998 को उनका निधन हुआ। 24 फ़रवरी को हुए निधन की सूची में उनका नाम भारतीय अभिनय जगत की विरासत का प्रतीक है।
💃 रुक्मिणी देवी अरुंडेल (निधन: 1986)
रुक्मिणी देवी अरुंडेल ने भरतनाट्यम को वैश्विक पहचान दिलाई।
उन्होंने कलाक्षेत्र फाउंडेशन की स्थापना की और भारतीय शास्त्रीय नृत्य को नई गरिमा प्रदान की।
24 फ़रवरी 1986 को उनका निधन हुआ। 24 फ़रवरी को हुए निधन में यह भारतीय संस्कृति के लिए एक युग का अंत था।
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👑 उस्मान अली ख़ान (निधन: 1967)
हैदराबाद के अंतिम निज़ाम उस्मान अली ख़ान अपने समय के विश्व के धनी शासकों में गिने जाते थे।
भारत की स्वतंत्रता के बाद हैदराबाद रियासत के भारत में विलय का ऐतिहासिक अध्याय उनके शासनकाल में ही पूरा हुआ।
24 फ़रवरी 1967 को उनका निधन हुआ। 24 फ़रवरी को हुए निधन में यह भारतीय राजशाही इतिहास का महत्वपूर्ण क्षण था।
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📚 अनंत पै (निधन: 2011)
अनंत पै, जिन्हें “अंकल पै” के नाम से जाना जाता है, अमर चित्र कथा के संस्थापक थे।
उन्होंने भारतीय पौराणिक और ऐतिहासिक कथाओं को बच्चों तक सरल रूप में पहुँचाया।
24 फ़रवरी 2011 को उनका निधन हुआ। 24 फ़रवरी को हुए निधन में शिक्षा और साहित्य जगत ने एक महान व्यक्तित्व को खो दिया।
निष्कर्ष
24 फ़रवरी को हुए निधन केवल एक तिथि नहीं, बल्कि कला, संस्कृति, इतिहास और साहित्य के अमर नायकों की स्मृति का दिन है।
इन महान हस्तियों की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।
24 फ़रवरी को हुए निधन हमें यह याद दिलाते हैं कि व्यक्तित्व भले ही चले जाएँ, लेकिन उनका योगदान सदैव जीवित रहता है।
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