शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)।शाहजहांपुर जिले के गढ़िया रंगीन कस्बे में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। 11,000 वोल्ट की हाई टेंशन लाइन से लटक रहे लोहे के तार की चपेट में आने से 11 वर्षीय बालक आशीष की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया है और ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आशीष कस्बे के बाहर धर्मशाला के पास एक पेड़ से बेर तोड़ रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाई टेंशन लाइन में एक जूता फंसा हुआ था, जिसमें बंधा पतला लोहे का तार काफी दिनों से नीचे लटक रहा था। जैसे ही आशीष बेर तोड़ने के दौरान उस तार के संपर्क में आया, तेज करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
ये भी पढ़ें – 23 जनवरी को हुए निधन: इतिहास के अमर नाम और उनकी विरासत
ग्रामीणों का कहना है कि यह खतरनाक तार कई दिनों से लटक रहा था। पहले भी इसकी शिकायत बिजली विभाग से की गई थी। कुछ दिन पूर्व इसी तार से करंट लगने से एक पिल्ले की मौत हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस लापरवाही का खामियाजा आज एक मासूम को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है। आशीष के पिता का दो वर्ष पहले निधन हो चुका था और उसकी मां मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रही थी। बेटे की मौत के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
ये भी पढ़ें – अवैध कब्जा प्रकरण में कानूनगो–भूमाफिया गठजोड़ के आरोप, जांच की उठी मांग
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। वहीं, यह घटना एक बार फिर बिजली विभाग की लापरवाही और जर्जर बिजली व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से ऑनलाइन लर्निंग…
आरक्षण, यूजीसी नियम और एससी/एसटी एक्ट को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, शंकराचार्य अपमान का…
पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड का शुभारंभ, संत कबीर नगर के लाभार्थियों को मिले स्वीकृति पत्र…
असंगठित श्रमिकों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा की गारंटी, ई-श्रम कार्डधारकों को 3000 रुपये मासिक…
कौन बनेगा बरगद: गांव और छोटे शहरों के उद्यमियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। यौन शोषण-धर्मांतरण मामला तूल पकड़ने के बाद राजधानी लखनऊ स्थित किंग…