🌠 बुद्धभूमि पर विज्ञान का महाकुंभ

47 कॉलेजों के 600 युवा वैज्ञानिक पहुंचे कुशीनगर, 27 अक्टूबर से 71 रॉकेट लॉन्च करेंगे

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।बुद्धभूमि कुशीनगर इन दिनों देशभर के युवा वैज्ञानिकों के उत्साह और नवाचार से गूंज रही है। राष्ट्रीय इन–स्पेस मॉडल रॉकेट्री/कैनसैट इंडिया स्टूडेंट कंप्टीशन 2024–25 के फाइनल चरण में भाग लेने के लिए देश के 47 कॉलेजों से आए लगभग 600 छात्र-छात्राएं और 120 वरिष्ठ वैज्ञानिक यहां पहुंच चुके हैं। यह प्रतियोगिता 27 से 30 अक्टूबर तक नारायणी नदी तट पर आयोजित होगी, जहां प्रतिभागी अपने डिजाइन किए गए रॉकेट्री और कैनसैट मॉडल का प्रदर्शन करेंगे।

शनिवार को जगदीश पब्लिक स्कूल और द प्रेसिडेंट, दनियारी में प्रतिभागियों का स्वागत रंगारंग कार्यक्रम के साथ किया गया। छात्रों ने देशभर की विविधता को दर्शाते बैनर और मॉडल प्रदर्शित किए। वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने तकनीकी सत्रों में उन्हें प्रक्षेपण, नियंत्रण और डेटा विश्लेषण की बारीकियों से अवगत कराया।

रविवार को सभी टीमों के मॉडल्स का जूरी रिव्यू होगा, जिसके बाद 27 अक्टूबर की सुबह 7 बजे 10 कैनसैट लॉन्च के साथ प्रतियोगिता का शुभारंभ किया जाएगा।
🛰️ सांसद शशांक मणि ने लिया तैयारियों का जायजा
शनिवार को सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने नारायणी प्रक्षेपण स्थल और आवासीय परिसरों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा, आवास और भोजन व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की। सांसद ने कहा,
“यह आयोजन न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देगा बल्कि पूर्वांचल के युवाओं को आत्मनिर्भरता और वैज्ञानिक सोच की दिशा में प्रेरित करेगा।”


उन्होंने आयोजकों को सभी व्यवस्थाएं उत्कृष्ट रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए और कहा कि यह आयोजन कुशीनगर को विज्ञान और नवाचार के नए नक्शे पर स्थापित करेगा।
🚀 चार दिन, 71 लॉन्च — विज्ञान के उत्सव की झलक
27 अक्टूबर: सुबह 7–9 बजे — 10 कैनसैट लॉन्च
28 अक्टूबर: सुबह 11–शाम 5 बजे — 20 कैनसैट लॉन्च
29 अक्टूबर: सुबह 7–शाम 5 बजे — 30 रॉकेट्री लॉन्च
30 अक्टूबर (समापन): 4 रॉकेट्री और 7 कैनसैट लॉन्च
चार दिनों में कुल 71 रॉकेट्री लॉन्च होंगे, जिन्हें इसरो और इन–स्पेस के वरिष्ठ वैज्ञानिकों की जूरी मॉनिटर करेगी।
🌏 विज्ञान, संस्कृति और एडवेंचर का संगम
प्रतिभागियों को विज्ञान के साथ-साथ कुशीनगर की सांस्कृतिक धरोहर और रोमांच का अनुभव भी मिलेगा।
बुद्ध महापरिनिर्वाण स्थल का भ्रमण, गौरी इंटर कॉलेज में पैराग्लाइडिंग, बांसी नदी में बोटिंग और कार्यक्रम स्थल पर घुड़सवारी की भी व्यवस्था की गई है।
साथ ही, सांसद की पहल ‘जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल’ से छात्रों को जोड़ा जाएगा, जहां उन्हें तकनीकी नवाचार को स्थानीय रोजगार और स्टार्टअप मॉडल में बदलने का अवसर मिलेगा।
यह आयोजन न केवल STEM शिक्षा को ग्रामीण युवाओं तक ले जाएगा, बल्कि कुशीनगर की धरती को चार दिनों तक विज्ञान, संस्कृति और नवाचार के संगम से आलोकित करेगा।

Editor CP pandey

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