नई दिल्ली/लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत की एकता, अखंडता और मजबूत राष्ट्र निर्माण की जब भी चर्चा होती है, सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। लौह इच्छाशक्ति, अदम्य साहस और दूरदर्शी नेतृत्व के प्रतीक सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई प्रमुख नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता और अखंडता की रक्षा का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर 31 अक्टूबर को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस का संदेश भी प्रमुखता से सामने आया।
राष्ट्रपति से प्रधानमंत्री तक, लौह पुरुष को नमन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरदार पटेल की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अखंड भारत का प्रणेता बताते हुए कहा कि उन्होंने सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री के संदेश में सरदार पटेल का त्याग और राष्ट्रसेवा विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया। मोदी ने आधुनिक भारत के निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं भी दीं। उनका जीवन आज भी देश को एकजुट रखने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने की प्रेरणा देता है।
सैकड़ों रियासतों को जोड़कर रखी अखंड भारत की नींव सरदार वल्लभभाई पटेल स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे। आजादी के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक विभिन्न रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करना था। पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, राजनीतिक सूझबूझ और कूटनीतिक कौशल से इस कठिन कार्य को आगे बढ़ाया। उनके प्रयासों ने एकीकृत भारत की नींव मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने अखिल भारतीय सेवाओं को मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार माना। खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह के दौरान किसानों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष उनके जननेता होने का प्रमाण बना। यही वजह है कि उन्हें केवल राजनीतिक नेता ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार के रूप में भी याद किया जाता है।
अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने बताया राष्ट्रनिर्माण का प्रेरणास्रोत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरदार पटेल के त्याग, समर्पण और राष्ट्रप्रेम को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण की प्रेरणा बताया। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले उनके आदर्शों को देश के लिए प्रासंगिक बताया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लौह पुरुष को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राष्ट्र की शक्ति उसकी एकता में और एकता का सामर्थ्य ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना में निहित है। उन्होंने प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
केशव प्रसाद मौर्य ने किया स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जाने का आह्वान उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सरदार पटेल को राष्ट्रीय एकता और अखंडता का शिल्पकार बताते हुए उनकी 151वीं जयंती पर नमन किया। उन्होंने कहा कि अपनी लौह इच्छाशक्ति और दूरदर्शिता से पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोने में निर्णायक योगदान दिया। मौर्य ने लोगों से गुजरात स्थित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ जाकर उनके अदम्य साहस और राष्ट्रसेवा से प्रेरणा लेने का आग्रह किया।
विपक्षी नेताओं ने भी किया योगदान का स्मरण सरदार पटेल की जयंती पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विभिन्न दलों के नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के बीच सरदार पटेल की विरासत देश की एकता और राष्ट्रीय निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान की याद दिलाती है।
आज भी प्रासंगिक है सरदार पटेल का संदेश सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती केवल एक महान नेता को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का संकल्प लेने का दिन भी है। उनका जीवन बताता है कि मजबूत राष्ट्र का निर्माण दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और सामूहिक प्रयासों से होता है। राष्ट्रीय एकता दिवस पर उनके आदर्शों को अपनाना ही लौह पुरुष के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
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