शिक्षिका ने स्कूली बच्चों के नाम कर दी पहली सैलरी, एडी बेसिक ने बढ़ाया हौसला

बलिया( राष्ट्र की परम्परा)विद्यार्थियों के लिए कुछ बेहतर करने तथा पढ़ाई के परिवेश में वृद्धि के लिए हर संभावनाओं पर काम कर रही नवनियुक्त शिक्षिका अंजली तोमर ने बुधवार को एक और नया काम किया, जिसकी सराहना एडी बेसिक ने की। अपने प्रथम वेतन से अंजली ने अपने विद्यालय के बच्चों को ट्रैक शूट दी, जिसे पाकर बच्चे चहक उठे। अंजली शिक्षा क्षेत्र हनुमानगंज के प्राथमिक विद्यालय अलावलपुर में तैनात है।
गाजियाबाद की रहने वाली अंजली तोमर 69 हजार बैच में नियुक्त शिक्षिका हैं। नियुक्ति के बाद से अंजली विद्यालय में शैक्षणिक तस्वीर संवारने में जुटी है। पहले वेतन से विद्यालय के बच्चों के लिए अंजली ने ट्रैक शूट उपलब्ध कराया, जिसे बुधवार को विद्यालय पर आयोजित समारोह में मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक आजमगढ़ अमरनाथ राय ने बतौर मुख्य अतिथि बच्चों में वितरित किया।एडी बेसिक ने कहा कि मैं अंजली को धन्यवाद नहीं, बल्कि आभार व्यक्त करूंगा। मैं शिक्षकों से हमेशा कहता हूं कि बच्चों के प्रति समर्पण दिखाइये। बच्चों को शिक्षा देना एक शिक्षक का नैतिक के साथ साथ राष्ट्रीय दायित्व भी है। कहा कि कोई कार्य आसान नहीं होता, उसे आसान बनाने के लिए मन मस्तिष्क से जुड़ना पड़ता हैं। डिटरमिनेशन, डिवोशन और डेडीकेशन ही किसी भी कार्य की सफलता का मूल मंत्र है। शिक्षकों को इसी अनुरूप शिक्षण कार्य करना चाहिए।अंजली को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करते हुए एडी बेसिक ने आह्वान किया कि मंडल के किसी भी शिक्षक को आवश्यकता हो तो मैं उसके साथ खड़ा रहूंगा। आजमगढ़ डायट के प्रवक्ता विनय शंकर आनंद ने कहा कि शिक्षक एक प्रयास से समाज में बड़े बदलाव हो सकते हैं। अंजली तोमर का एक प्रयास इन बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। हनुमानगंज के खंड शिक्षाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने एडी बेसिक अमरनाथ राय का स्वागत किया। शिक्षिका अंजली तोमर ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। अध्यापक बच्चों को अपना शत-प्रतिशत देने के लिए प्रयास करें तो भारत विश्व गुरू बन सकता है। अध्यक्षता हनुमानगंज प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अजय सिंह व संचालन प्रधानाध्यापक प्रदीप यादव ने किया।
स्थानीय बोली का होना चाहिए प्रयोग
मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक आजमगढ़ अमरनाथ राय ने कहा कि 14 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा का उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा का सार्वभौमिकरण है। मिशन प्रेरणा के तहत हर बच्चे को शिक्षित करना, शिक्षकों का दायित्व है। बच्चों को परिवेशीय शिक्षा देनी चाहिए। स्थानीय बोली का प्रयोग भी होना चाहिए। जिस दिन आप अपनी बोली, भाषा और संस्कृति को अंग बना लेंगे, उस दिन दुनिया में सबसे आगे होंगे। शिक्षक जब-जब समाज का नेतृत्व किया है, सकारात्मक परिवर्तन आया है।
इनकी रही मौजूदगी
समारोह में दिलीप सिंह, धीरेंद्र राय, परमात्मा यादव, मनोज शर्मा, रवि यादव, पंकज राय, श्यामनारायण तिवारी, अजय उपाध्याय, रामाश्रय यादव, विनय राय, मनोज श्रीवास्तव, कुमकुम सिंह, प्रिया त्रिपाठी, रीना चौहान, अवधेश कुमार आदि थे।

Editor CP pandey

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