लंबी बीमारी के बाद मेंदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस, प्राथमिक विद्यालय एकइल नंबर-3 में थीं कार्यरत
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। प्राथमिक विद्यालय एकइल नंबर-3 में शिक्षिका के पद पर कार्यरत गुंजन यादव (40) का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने मेंदांता अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही परिजनों, शुभचिंतकों, सहकर्मियों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।गुंजन यादव पत्नी रामविलास यादव, ग्राम गौरामदनपुरा की निवासी थीं। वह अपने सरल, सहज और मिलनसार स्वभाव के लिए जानी जाती थीं। प्राथमिक विद्यालय एकइल नंबर-3 में शिक्षण कार्य के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ उनके शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपनी कर्तव्यनिष्ठा और व्यवहार कुशलता के चलते वह विद्यालय परिवार और क्षेत्र के लोगों के बीच विशेष सम्मान रखती थीं।परिजनों के अनुसार, गुंजन यादव लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं और उनका लगातार उपचार चल रहा था। स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उन्हें मेंदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।उनके असामयिक निधन पर विद्यालय के शिक्षकों, सहकर्मियों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया। शिक्षकों ने उन्हें समर्पित एवं कर्तव्यनिष्ठ शिक्षिका बताते हुए उनके योगदान को याद किया। गुंजन यादव के निधन से गौरामदनपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है। लोगों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। घुघली-शिकारपुर मार्ग पर रात बरवा खुर्द गांव के पास दो बाइकों…
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। कभी ब्रिटिश शासनकाल में व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में…
एचआईवी के साथ हेपेटाइटिस-सी, टीबी, एसटीआई और आंखों की हुई जांच, चालक-परिचालकों को किया गया…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में वाहन चोरी की घटनाओं को लेकर वाहन मालिकों की…
पत्रकार सवाल उठाता है, लेकिन बदलाव की जिम्मेदारी नागरिकों की भी है; आखिर कब दर्शक…
जेल की व्यवस्थाओं पर प्रशासन की नजर, डीएम-एसपी ने किया संयुक्त निरीक्षण अमित त्रिपाठी की…