लेखक: गोविन्द प्रताप मौर्य। राष्ट्र की परम्परा
कई लोगों की सुबह की शुरुआत गर्मागर्म चाय या कॉफी के साथ होती है। कुछ लोग तो कप में चाय डालते ही बिना इंतजार किए उसे पीना शुरू कर देते हैं। अगर आपको भी बेहद गर्म चाय या कॉफी पीने की आदत है, तो अपनी इस आदत में बदलाव करना जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, बहुत अधिक तापमान वाले पेय पदार्थों का नियमित सेवन भोजन नली यानी एसोफेगस को नुकसान पहुंचा सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर एसोफेगल कैंसर का जोखिम बढ़ने की आशंका रहती है।चाय और कॉफी का सेवन आमतौर पर नुकसानदायक नहीं माना जाता, लेकिन इन्हें किस तापमान पर पिया जा रहा है, यह भी सेहत के लिहाज से महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं कि बहुत गर्म पेय पदार्थ पीने से क्या नुकसान हो सकते हैं और इस आदत से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
बहुत गर्म चाय-कॉफी से क्यों बढ़ सकता है कैंसर का खतरा?
एसोफेगस को हिंदी में भोजन नली कहा जाता है। यह मुंह से भोजन और तरल पदार्थों को पेट तक पहुंचाने का काम करती है। जब कोई व्यक्ति बार-बार बहुत गर्म चाय, कॉफी या अन्य पेय पदार्थों का सेवन करता है, तो इससे भोजन नली की अंदरूनी परत को गर्मी से नुकसान पहुंच सकता है।लगातार होने वाली इस तरह की चोट और ऊतकों में होने वाले बदलावों को एसोफेगल कैंसर के बढ़ते जोखिम से जोड़ा गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि गर्म चाय या कॉफी पीने वाला हर व्यक्ति कैंसर का शिकार हो जाएगा। कैंसर का जोखिम कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है।
क्या है एसोफेगल कैंसर?
एसोफेगल कैंसर वह बीमारी है, जिसमें भोजन नली की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। इसके प्रमुख प्रकारों में एसोफेजियल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा और एसोफेजियल एडेनोकार्सिनोमा शामिल हैं।
बहुत गर्म पेय पदार्थों का सेवन विशेष रूप से एसोफेजियल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा पाया गया है। हालांकि, इस संबंध की मजबूती व्यक्ति की जीवनशैली, खानपान और अन्य जोखिम कारकों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
पेय पदार्थों का तापमान है महत्वपूर्ण
स्वास्थ्य संबंधी शोध में बहुत गर्म पेय पदार्थों और भोजन नली के कैंसर के बीच संबंध सामने आया है। इसका संभावित कारण भोजन नली की अंदरूनी परत पर बार-बार पड़ने वाली गर्मी का प्रभाव माना जाता है।
यहां समझने वाली बात यह है कि जोखिम केवल चाय या कॉफी तक सीमित नहीं है। कोई भी तरल पदार्थ यदि अत्यधिक गर्म तापमान पर नियमित रूप से पिया जाए, तो वह भोजन नली को नुकसान पहुंचा सकता है।हालांकि, किसी विशेष अध्ययन में सामने आए जोखिम के आंकड़ों को हर व्यक्ति पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता। इसके लिए अध्ययन की प्रकृति, प्रतिभागियों की संख्या और अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारकों को समझना जरूरी होता है।
बहुत गर्म चाय-कॉफी पीने की आदत कैसे छोड़ें?
अगर आपको चाय या कॉफी बेहद गर्म पीने की आदत है, तो कुछ आसान उपाय अपनाकर इसमें बदलाव किया जा सकता है।
1. कप में डालते ही न पिएं: चाय या कॉफी तैयार होने के बाद कुछ मिनट इंतजार करें, ताकि उसका तापमान कम हो सके।
2. छोटे घूंट लेकर तापमान जांचें: यदि पेय पदार्थ होंठ या जीभ को जलाने जैसा महसूस हो, तो उसे पीने के लिए और ठंडा होने दें।
3. दिनभर में बार-बार गर्म पेय पीने से बचें: अपनी चाय-कॉफी की आदत पर ध्यान दें और हर बार अत्यधिक गर्म पेय पीने से बचें।
4. केवल चाय-कॉफी ही नहीं, दूसरे पेय पदार्थों का भी ध्यान रखें: सूप, दूध और अन्य गर्म तरल पदार्थों को भी सुरक्षित तापमान पर ही पिएं।
5. धूम्रपान और तंबाकू से दूर रहें: तंबाकू का सेवन भोजन नली के कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ाता है। इससे दूरी बनाना स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
एसोफेगल कैंसर के लक्षणों को न करें नजर अंदाज
एसोफेगल कैंसर के शुरुआती चरणों में स्पष्ट लक्षण नहीं भी दिखाई दे सकते हैं। लेकिन बीमारी बढ़ने पर कुछ संकेत सामने आ सकते हैं,
जैसे:- खाना निगलने में परेशानी या दर्द होना।
– बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना।
– लगातार सीने में असहजता या दर्द महसूस होना।
– भोजन गले या छाती में अटकने जैसा महसूस होना।
– लगातार उल्टी होना या अन्य असामान्य लक्षण बने रहना।
इनमें से कोई लक्षण लगातार बना रहता है, विशेषकर निगलने में परेशानी या बिना कारण वजन घटने की समस्या हो, तो जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इन लक्षणों का होना कैंसर की पुष्टि नहीं करता, लेकिन चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
चाय-कॉफी छोड़ने की नहीं, सही तापमान पर पीने की जरूरत
चाय और कॉफी कई लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा हैं। इन्हें पूरी तरह छोड़ना हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि इनका सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए और इन्हें बहुत अधिक गर्म अवस्था में न पिया जाए।पेय पदार्थ को पीने से पहले कुछ देर ठंडा होने देना एक छोटी-सी आदत है, जो भोजन नली को बार-बार अत्यधिक गर्मी से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकती है। साथ ही, संतुलित खानपान, तंबाकू से दूरी और शरीर में दिखाई देने वाले असामान्य लक्षणों पर ध्यान देना भी जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे चिकित्सकीय सलाह, जांच या उपचार का विकल्प न मानें। किसी भी लक्षण या स्वास्थ्य संबंधी चिंता की स्थिति में योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।
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