संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में किसानों के लिए फार्मर आईडी/किसान पहचान पत्र को अनिवार्य कर दिया गया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार अब विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनके पास किसान पहचान पत्र होगा।
उन्होंने बताया कि जनपद में लगभग 70 प्रतिशत किसानों के पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं, जबकि शेष किसानों के लिए 06 से 15 अप्रैल, 2026 तक विशेष अभियान चलाकर गांव-गांव में कैंप लगाए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर फार्मर आईडी उपलब्ध कराई जा रही है।
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किश्तें भी अब केवल उन्हीं किसानों को प्राप्त होंगी, जिनके पास किसान पहचान पत्र होगा। इसके साथ ही कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और लघु सिंचाई विभाग की सभी लाभार्थीपरक योजनाओं में किसान पहचान पत्र को आधार बनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि उर्वरक, बीज, कीटनाशक एवं अन्य कृषि इनपुट के वितरण में भी किसान पहचान पत्र की अनिवार्यता लागू की जा रही है। वर्तमान में उर्वरकों का वितरण पीओएस मशीनों के माध्यम से आईएफएमएस पोर्टल पर किया जा रहा है, जिसे मई 2026 से पूरी तरह किसान पहचान पत्र और फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ दिया जाएगा।
इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर होने वाली फसलों की खरीद में भी अब केवल उन्हीं किसानों से खरीद की जाएगी, जिनके पास किसान पहचान पत्र उपलब्ध होगा। अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं में भी 31 मई, 2026 तक किसान पहचान पत्र को अनिवार्य करने की तैयारी पूरी कर ली जाएगी।
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