बलिया( राष्ट्र की परम्परा) काफी दिनों से चल रहे रामपुर कोड़रहा के काश्तकारों व पट्टा धारकों के बीच भूमि विवाद को लेकर दोकटी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया हैं। पुलिस ने चेतावनी दिया है कि जिसके नाम जमीन है, वही जोतेगा- बोएगा। अगर दूसरा जमीन पर गया तो कठोर कार्रवाई होगी।
उल्लेखनीय है कि रामपुर कोड़ारहा राजस्व ग्राम में 70 एकड़ कृषि योग्य भूमि 21 वर्ष पूर्व तथ्यों को छिपाकर दर्जनों लोगों के नाम पट्टे के रूप में आवंटित कर दी गई थी। इसमें कई अपत्रो को भी लाभ मिला, जिसके खिलाफ मूल काश्तकारो ने अपर जिलाधिकारी के यहां फरियाद किया। अपर जिलाधिकारी ने छः वर्ष पूर्व पट्टा आवंटन को तथ्यहीन करार देकर निरस्त कर दिया। इसके बाद पट्टा धारक अपर आयुक्त आजमगढ़ के दरबार में पहुंचे, किंतु वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी। अपर आयुक्त ने अपने 28 दिसम्बर 2017 के आदेश में कहा कि पट्टा का आवंटन गलत व निराधार है। एडीएम का निर्णय लागू होगा। आवंटन को रद्द किया जाता है। विगत 6 वर्षों से जबरन जोतने बोने काटने को लेकर प्रतिवर्ष कार्तिक और फसल काटते समय चैत के महीने में शांति भंग व खून खराबे की स्थिति उत्पन्न होती रही है। इन दिनों खेत जोतने का मौसम चल रहा है। तनाव को देखते हुए दोकटी के थानाध्यक्ष रोहन राकेश सिंह ने कठोर रुख अख्तियार किया है। गुरुवार को सभी पट्टा धारकों को बुलाकर स्पष्ट निर्देश दिया कि जिसके नाम से जमीन है, वही जोतेगा बोयेगा। दूसरा अगर जमीन पर गया तो उसे जेल भेजा जाएगा। इसको लेकर हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस के इस रुख से लगता है कि इस बार रामपुर कोड़रहा के इस इलाके में शांतिपूर्ण तरीके से खेतों की जुताई बुवाई संपन्न हो जाएगी।
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